देहरादून | दिनांक: 8 फरवरी 2026
वेद उनियाल विचार मंच के तत्वावधान में रविवार को चतुर्थ उत्कृष्ट सम्मान समारोह–2026 का भव्य आयोजन शहीद स्मारक कचहरी, देहरादून में किया गया। कार्यक्रम का मूल विषय “जलवायु परिवर्तन से मानव जीवन का संकट में अस्तित्व” रहा, जिसमें पर्यावरण, समाज और जनजीवन पर पड़ रहे प्रभावों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
यह आयोजन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी वेद उनियाल जी की स्मृति को समर्पित रहा। मंच के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित कर उनके योगदान को समाज के सामने रखा गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज ध्यानी द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से यह वार्षिक आयोजन निरंतर आयोजित किया जा रहा है।
समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि श्री सुभाष बड़थ्वाल, उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री), उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद रहे।
अति विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे:
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श्री रविन्द्र जुगरान, पूर्व राज्यमंत्री, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी
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श्री सुभाष, पूर्व राज्यमंत्री, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी
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श्रीमती उर्मिला शर्मा, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी
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श्री वीरेन्द्र पोखरियाल, समाजसेवी एवं अधिवक्ता/राज्य आंदोलनकारी
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श्री अजय राणा, अध्यक्ष, उत्तरांचल प्रेस क्लब
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श्री ओम गोपाल रावत, पूर्व विधायक
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श्री लूसून टोडरिया, संयोजक, मूल निवास भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति
कार्यक्रम के संयोजक मनोरथ प्रसाद ध्यानी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वेद उनियाल विचार मंच का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाले विचारों को आगे बढ़ाना है।
सामाजिक कार्यों के लिए सुरेन्द्र सिंह थापा सम्मानित
समारोह के दौरान श्री सुरेन्द्र सिंह थापा को सामाजिक कार्यों और जनजागरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान दिनांक 8 फरवरी 2026 को शहीद स्मारक कचहरी, देहरादून में प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करते हुए श्री थापा ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों से भावुक अपील की कि यदि वास्तव में वेद उनियाल जी को सच्चा सम्मान देना है, तो शहीद स्थल में स्थित भवन का नाम “वेद उनियाल भवन” रखा जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
वेद उनियाल विचार मंच का यह चतुर्थ उत्कृष्ट सम्मान समारोह न केवल समाजसेवियों के योगदान को सम्मानित करने का मंच बना, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषय पर जनजागरण का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ। वेद उनियाल जी के विचारों और संघर्ष की स्मृति को जीवंत रखते हुए यह आयोजन सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।





