देहरादून, उत्तराखंड | दिनांक: 10 फरवरी 2026
राजधानी देहरादून के सुभाष नगर क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्लाट में इकट्ठा किए गए टेंट और शामियाने के सामान में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें तेजी से फैलती हुई आसपास के रिहायशी मकानों तक पहुंच गईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
रिहायशी घरों तक पहुंचीं लपटें, मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी विकराल थी कि धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू हो गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
नरेन्द्र टेंट हाउस के सामान में लगी आग
फायर कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि क्लेमेनटाउन सुभाष नगर स्थित एक प्लाट में रखे टेंट व शामियाने के सामान में आग लगी है। यह सामान नरेन्द्र टेंट हाउस (मालिक: नरेन्द्र कुमार, पुत्र शिव प्रसाद) का बताया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
हजारों लीटर पानी से पाया गया आग पर काबू
मौके पर पहुंची फायर टीम ने देखा कि आग तेजी से फैल रही है और आसपास के मकानों को खतरा बना हुआ है। आग की चपेट में फोल्डिंग टेबल, बर्तन, टेंट, भट्टियां, मेट, रजाई-गद्दे सहित भारी मात्रा में सामान जल रहा था। दमकल कर्मियों ने करीब 30 हजार लीटर पानी का उपयोग कर कई घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया और फैलने से रोका।
बड़ोवाला में भी आग की घटना
इसी दिन देहरादून के बड़ोवाला क्षेत्र में गोरखपुर चौक के पास स्थित एक रजाई-गद्दे की दुकान में भी आग लगने की सूचना मिली। दमकल विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दुकान का शटर तोड़ा और आग पर समय रहते काबू पा लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
निष्कर्ष
सुभाष नगर और बड़ोवाला में हुई आग की घटनाओं ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील सामान के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर दमकल विभाग की कार्रवाई से जनहानि टल गई, लेकिन इस तरह की घटनाएं सतर्कता और अग्नि सुरक्षा मानकों के सख्त पालन की आवश्यकता को उजागर करती हैं। प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।


