देहरादून | दिनांक: 12 फरवरी 2026
देहरादून के तिब्बती मार्केट क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई अर्जुन शर्मा की सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संपत्ति विवाद, करोड़ों के आर्थिक लेन-देन और पारिवारिक रिश्तों में आई गहरी दरारों की जटिल कहानी बनता जा रहा है।
बलिदानी परिवार की पृष्ठभूमि
मृतक अर्जुन शर्मा, बलिदानी कर्नल रमेश चंद्र शर्मा के पुत्र थे। कर्नल शर्मा ने जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए थे। उनके बलिदान के बाद सरकार द्वारा परिवार को गैस एजेंसी आवंटित की गई थी, जो वर्षों से पैतृक संपत्ति पर संचालित हो रही थी। यही संपत्ति आज इस हत्याकांड की जांच का केंद्र बिंदु बन गई है।
पत्नी के गंभीर आरोप, अपनों पर ही शक
अर्जुन की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी सास बीना शर्मा, प्रॉपर्टी कारोबारी विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और अस्पताल संचालक अजय खन्ना पर हत्या की साजिश रचने का संदेह जताया है। अभिलाषा का कहना है कि अर्जुन का किसी अन्य व्यक्ति से कोई व्यक्तिगत या व्यावसायिक विवाद नहीं था।
बैंक लोन और लेन-देन से उलझी कहानी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पैतृक संपत्ति पर करोड़ों रुपये का बैंक लोन लिया गया था, जिसमें अर्जुन गारंटर थे। आरोप है कि इस धनराशि का एक बड़ा हिस्सा विनोद उनियाल को दिया गया। इसी लेन-देन को लेकर अर्जुन और उनकी मां के बीच तनाव बढ़ता गया। मामला इतना बढ़ा कि विवाद पुलिस थानों से होते हुए अदालत तक पहुंच गया।
मां-बेटे के बीच कानूनी जंग
स्थिति यहां तक पहुंच गई कि मां ने बेटे पर मुकदमा दर्ज कराया, जबकि अर्जुन ने अपनी मां और उनके परिचितों पर धोखाधड़ी का केस दायर किया। दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट तक सुरक्षा की गुहार लगाई। पारिवारिक रिश्तों में आई यह कड़वाहट इस कदर बढ़ी कि एक मां को अपने ही बेटे से सुरक्षा मांगनी पड़ी।
जीएमएस रोड संपत्ति विवाद
जीएमएस रोड स्थित संपत्ति को लेकर भी सिविल कोर्ट में मामला लंबित था। आरोप है कि बीना शर्मा ने उक्त संपत्ति को अस्पताल संचालक अजय खन्ना को बेचने का प्रयास किया, जबकि उस पर करीब चार करोड़ रुपये का लोन अजय खन्ना द्वारा चुकाया गया था। अर्जुन ने इस सौदे को अदालत में चुनौती दी थी और स्टे भी प्राप्त किया गया था।
दिनदहाड़े हत्या और गहराता रहस्य
स्कूटी सवार बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े की गई हत्या ने पूरे घटनाक्रम को और संदिग्ध बना दिया है। पत्नी के बयान और पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस की जांच अब संपत्ति और आर्थिक विवादों के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही है।
मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
अर्जुन शर्मा के चार साल के बेटे और तीन साल की बेटी इस पूरे विवाद से अनजान हैं। एक ओर जहां पिता देश के लिए शहीद हुए थे, वहीं दूसरी पीढ़ी संपत्ति विवाद की भेंट चढ़ गई—यह सवाल पूरे समाज को झकझोर रहा है।
निष्कर्ष
देहरादून का अर्जुन शर्मा हत्याकांड यह दर्शाता है कि जब संपत्ति और धन रिश्तों से ऊपर आ जाते हैं, तो परिणाम कितना भयावह हो सकता है। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और परत-दर-परत इस जटिल मामले की सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। शहर की निगाहें अब न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच पर टिकी हैं, ताकि इस दर्दनाक घटना के पीछे की सच्चाई उजागर हो सके।


