पिथौरागढ़ | दिनांक: 30 मार्च 2026
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पुलिस ने अवैध दस्तावेजों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक को बहराइच से हिरासत में लिया गया।
सत्यापन अभियान के दौरान खुला राज
पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘क्रैकडाउन’ के तहत जिले में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 23 फरवरी 2026 को कोतवाली पिथौरागढ़ पुलिस ने पहचान ऐप के माध्यम से जांच अभियान चलाया।
अभियान के दौरान उपनिरीक्षक कमलेश जोशी और उनकी टीम ने एक युवक कमलेश कुमार (निवासी बहराइच, यूपी) को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से मिला आधार कार्ड संदिग्ध लगा।
फोटो मिलान में सामने आई सच्चाई
जब पुलिस ने आधार कार्ड की गहन जांच की, तो उसमें लगी फोटो किसी अन्य युवती की पाई गई। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और मामला दर्ज किया गया।
3500 रुपये में बनवाया था फर्जी आधार
पूछताछ में आरोपी कमलेश कुमार ने खुलासा किया कि वह मजदूरी के लिए उत्तराखंड आया था। इस दौरान एक व्यक्ति ने उससे 3500 रुपये लेकर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया, जिसके आधार पर वह पिथौरागढ़ में रहकर काम कर रहा था।
मास्टरमाइंड दुकानदार भी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई और फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले मुख्य आरोपी मनीष कुमार गुप्ता (निवासी बहराइच, यूपी) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसकी दुकान पर छापा मारकर:
- कई अन्य लोगों के फर्जी आधार कार्ड
- संदिग्ध दस्तावेज
बरामद किए हैं।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
इस मामले में कोतवाली पिथौरागढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 337/340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक ललित डंगवाल द्वारा की जा रही है।
पुलिस का बयान
कोतवाल पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी ने बताया कि ऑपरेशन ‘क्रैकडाउन’ के तहत यह कार्रवाई की गई है। एक व्यक्ति फर्जी आधार कार्ड के साथ पकड़ा गया था, जिसकी जांच में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
निष्कर्ष
फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान छुपाकर देश में रहने की कोशिशें सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। पिथौरागढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि यह संदेश भी है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती लगातार बढ़ रही है। भविष्य में ऐसे नेटवर्क पर और बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


