स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 3 अप्रैल 2026
देहरादून में हाल ही में हुए दिव्यांशु हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार को आशा रोड़ी में आयोजित शोकसभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा और परिजनों का दर्द साफ तौर पर झलकता नजर आया।
शोकसभा के दौरान दिव्यांशु के पिता और परिवार के अन्य सदस्य भावुक हो उठे। बेटे को याद करते हुए पिता फूट-फूट कर रो पड़े, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश की, लेकिन दुख का यह पल हर किसी को भीतर तक झकझोर गया।
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी बड़ी संख्या में किसानों के साथ पहुंचे। उन्होंने दिव्यांशु हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। टिकैत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
राकेश टिकैत ने देहरादून में छात्रों के साथ बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से छात्रों के एक समूह द्वारा दिव्यांशु जाट राणा की हत्या की गई, उससे युवाओं और उनके परिवारों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
शोकसभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैल सके।
निष्कर्ष:
दिव्यांशु हत्याकांड ने न केवल एक परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है, बल्कि समाज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों ही देखने को मिल रहे हैं। अब सबकी नजर प्रशासन और न्याय प्रणाली पर है कि दोषियों को कितनी जल्दी और कितनी सख्त सजा मिलती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



