स्थान: विकासनगर, देहरादून (उत्तराखंड)
तारीख: 8 अप्रैल 2026
देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में सोमवार रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां नशे में धुत युवकों ने पुलिस चेकिंग के दौरान न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक पुलिसकर्मी समेत दो लोगों को कार से कुचल दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल की रात पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत डाकपत्थर तिराहे के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान हर्बटपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक काले रंग की कार (एचआर-87-पी-6040) को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी और मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने तुरंत कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी चेकपोस्टों को अलर्ट किया। कुछ ही देर में सूचना मिली कि उक्त कार धनवंतरी चौक से कैनाल रोड की ओर बढ़ रही है और सवार युवक रास्ते में हुड़दंग कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ने अचानक गाड़ी को बैक करते हुए सरकारी वाहन को टक्कर मार दी और एक पुलिसकर्मी के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने भी साहस दिखाते हुए कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उसे भी टक्कर मार दी और फरार हो गए। घायल पुलिसकर्मी और अन्य व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिसकर्मी की हालत गंभीर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन की जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सभी इकाइयों में प्रसारित की। कुछ समय बाद सूचना मिली कि आरोपी वाहन बल्लीवाला फ्लाईओवर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। दुर्घटना के चलते चालक घायल हो गया और मौके से भाग नहीं सका, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए।
पुलिस ने घायल चालक को हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया और उसकी निशानदेही पर अन्य तीन आरोपियों को भी विकासनगर के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल (20 वर्ष), आयुष (24 वर्ष), अंशुल चौहान (21 वर्ष) और प्रियांशु (21 वर्ष) के रूप में हुई है।
चौकी प्रभारी डाकपत्थर संदीप पंवार के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल जांच में सभी के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई है।
निष्कर्ष:
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है, बल्कि समाज में बढ़ती लापरवाही और नशे की प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन इस तरह की घटनाएं सख्त निगरानी और जागरूकता की आवश्यकता को और अधिक बढ़ाती हैं।


