स्थान: रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड)
तारीख: 8 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में बहुचर्चित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और रुद्रपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब छह साल से पुलिस को चकमा दे रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिंकू शर्मा उर्फ पंडित के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर ट्रैक किया गया। सटीक लोकेशन मिलने के बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रिंकू शर्मा वर्ष 2020 में हुए पार्षद प्रकाश धामी की दिनदहाड़े हत्या में शामिल था। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने उस समय पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। आरोपी ने कथित तौर पर सुपारी लेकर इस वारदात को अंजाम दिया था और घटना के बाद लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
12 अक्टूबर 2020 को पार्षद प्रकाश धामी को घर से बुलाकर कार सवार बदमाशों ने घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमलावरों ने उनके सिर, गले और सीने पर कुल छह गोलियां मारीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धामी ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर उन्हें गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शूटर का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में विभिन्न राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस मामले में पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक पार्षद प्रकाश धामी का अतीत भी विवादों से जुड़ा रहा है। पार्षद बनने से पहले वे एक हत्या के मामले में जेल जा चुके थे, हालांकि बाद में अदालत से बरी हो गए थे। इसके अलावा वर्ष 2019 में हुई एक गोलीबारी की घटना में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद मामले में तेजी से आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। STF और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
निष्कर्ष:
पार्षद धामी हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, जिससे न केवल मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है। लगातार चल रहे अभियानों से साफ है कि कानून के शिकंजे से बच पाना अब अपराधियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।


