स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 11 अप्रैल 2026
देहरादून में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) से जुड़े संदिग्ध एजेंट विक्रांत कश्यप की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। शनिवार को विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों की टीमें देहरादून पहुंचीं और आरोपी से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की।
नेटवर्क खंगालने में जुटीं एजेंसियां
एसटीएफ द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद मिले इनपुट के आधार पर अब पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और इस नेटवर्क की जड़ें कहां तक फैली हुई हैं।
पाकिस्तान हैंडलर्स से संपर्क के संकेत
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि विक्रांत कश्यप पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उसे कथित तौर पर प्रभावित और बरगलाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसे देहरादून के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करने और उनके वीडियो व फोटो भेजने के निर्देश दिए गए थे।
सिद्धू मूसेवाला का फैन, हत्या से था आक्रोशित
पूछताछ के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने बताया कि वह प्रसिद्ध पंजाबी गायक Sidhu Moosewala का बड़ा प्रशंसक था। उनकी हत्या से वह बेहद आक्रोशित था और कथित तौर पर हत्या के आरोपियों से बदला लेने की भावना रखता था। जांच एजेंसियां इस एंगल को भी गंभीरता से परख रही हैं कि कहीं इसी भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाकर उसे आतंकी गतिविधियों की ओर तो नहीं मोड़ा गया।
डिजिटल और तकनीकी जांच जारी
आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की गहन जांच की जा रही है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि वह किन चैनलों के माध्यम से संपर्क में आया और किस तरह उसे निर्देश दिए जाते थे।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केंद्रीय और राज्य एजेंसियां मिलकर हर पहलू की जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
निष्कर्ष:
देहरादून में संदिग्ध एजेंट की गिरफ्तारी ने न केवल एक संभावित आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि किस तरह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भटकाया जा सकता है। जांच अभी जारी है और एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।


