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Dehradun: यूनिवर्सिटी छात्र को लात-घूसों से पीटने वाले युवक गिरफ्तार, पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

क्लेमेनटाउन, देहरादून | शुक्रवार


वायरल वीडियो ने खोली गुंडई की पोल

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में एक यूनिवर्सिटी छात्र की सरेआम पिटाई का वीडियो शुक्रवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में चार युवक छात्र को बेरहमी से लात-घूसों से पीटते दिखाई दे रहे थे।
राहगीर द्वारा बनाया गया यह वीडियो कुछ ही मिनटों में पूरे शहर में फैल गया और लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा।


आरोपियों ने दबाव बनाकर बनाया दूसरा वीडियो

वीडियो वायरल होते ही आरोपित युवकों ने पीड़ित छात्र पर दबाव डालकर एक दूसरा वीडियो बनवाया।
इस नए वीडियो में पीड़ित को यह कहते दिखाया गया कि यह “आपसी विवाद” है और वह किसी कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा।
हालाँकि, पुलिस ने इसे दबाव में कराया गया वीडियो मानते हुए मामले को हल्के में नहीं लिया।


एसएसपी ने लिया संज्ञान, पुलिस टीम तुरंत हरकत में

वायरल वीडियो पर एसएसपी अजय सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए
क्लेमेनटाउन थानाध्यक्ष मोहन सिंह को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
थानाध्यक्ष ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी।


चारों आरोपी गिरफ्तार, दो निजी शिक्षण संस्थान के छात्र

पुलिस टीम ने कुछ ही समय में रेस्क्यू ऑपरेशन की तरह कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं—

  • यश्वसी गौतम, निवासी कोतवाली चौराहा, हाथरस (उत्तर प्रदेश)
  • वंश तोमर, निवासी तिशोतरा, बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
  • ध्रुव शर्मा, निवासी इंद्रानगर कॉलोनी, वसंत विहार
  • कृष्णा राठी, निवासी कृष्णा मार्केट, क्लेमेनटाउन

इनमें से दो आरोपी शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान के छात्र भी हैं।
पुलिस ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए कॉलेज प्रबंधन से भी पत्राचार किया है।


पूछताछ में कबूला अपराध

पूछताछ में चारों आरोपियों ने स्वीकार किया कि कहासुनी के बाद उन्होंने छात्र की पिटाई की थी।
बाद में घटना को छिपाने के लिए पीड़ित से दबाव डालकर दूसरा वीडियो बनवाया गया था।


पीड़ित छात्र सुरक्षित, पुलिस ने किया सख्त संदेश जारी

पुलिस ने बताया कि पीड़ित छात्र सुरक्षित है और उसकी ओर से शिकायत दर्ज करवाई जा रही है।
क्षेत्र में पुलिस की इस सख्त कार्रवाई की सराहना हो रही है।
पुलिस ने स्पष्ट कहा—
“सरेआम गुंडई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून हाथ में लेने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।”

साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी घटना की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।


निष्कर्ष

क्लेमेनटाउन की यह घटना शहर में बढ़ती युवा हिंसा पर सवाल उठाती है, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
वायरल वीडियो के बाद जिस तेजी से आरोपियों को पकड़ा गया, उसने पुलिस की सक्रियता और तत्परता को फिर साबित किया है।
यह मामला युवाओं को भी यह समझाता है कि आपसी विवाद का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि संवाद है।

 

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