देहरादून | सोमवार, 10 नवंबर 2025
देहरादून में जमीन के सौदे के नाम पर 27 लाख रुपये हड़प लेने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के बाद पीड़ित ने कोर्ट का सहारा लिया, जिसके आदेश पर रायपुर थाने में दो आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।
जमीन दिखाकर तय हुआ 93.80 लाख का सौदा
पीड़ित अमन चढ्ढा, निवासी सेक्टर-74 ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश), ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि
अल्लाकाफी निवासी शास्त्रीनगर, मेरठ और उनके साथी ताजहुसैन ने उन्हें देहरादून के मौजा अधोईवाला क्षेत्र में एक जमीन दिखाई।
28 मार्च 2022 को 93.80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और विक्रय अनुबंध के दौरान आरोपितों ने 27 लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए।
रजिस्ट्री के लिए टालमटोल, न रकम वापस, न समय बढ़ाया गया
अनुबंध के अनुसार तय समय सीमा में जमीन की रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन अमन चढ्ढा के अनुसार
अल्लाकाफी के मुख्तार-ए-आम ताजहुसैन लगातार बहाने बनाते रहे।
उन्होंने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर समय सीमा बढ़ाने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, आरोपितों ने अग्रिम राशि वापस करना भी मुनासिब नहीं समझा।
धमकी भी दी गई, पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर
पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने रकम और रजिस्ट्री को लेकर बात करने का प्रयास किया तो
आरोपितों ने बातचीत से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
इस पर 15 अप्रैल 2025 को उन्होंने रायपुर थाने में लिखित तहरीर दी।
पुलिस ने रिसिविंग देकर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
लगातार कार्रवाई न होने से परेशान पीड़ित ने अदालत का रुख किया।
कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर थाना पुलिस ने
अल्लाकाफी और ताजहुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
निष्कर्ष
जमीन के सौदों में धोखाधड़ी के मामले देहरादून में लगातार सामने आ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि पीड़ितों को न्याय के लिए कोर्ट तक जाना पड़ता है। अब पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा ही तय करेगी कि पीड़ित को उसकी रकम वापस मिल पाएगी या नहीं।
मामला फिलहाल गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें तेजी से जांच की अपेक्षा की जा रही है।


