स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 14 जुलाई 2025
“आस्था के नाम पर नहीं चलेगी ठगी” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर चला ऑपरेशन कालनेमि, देहरादून पुलिस ने तीन दिनों में 82 छद्म वेशधारी बाबाओं को दबोचा।
देवभूमि उत्तराखंड की धरती पर साधु-संतों के नाम पर ढोंग और ठगी करने वालों के खिलाफ देहरादून पुलिस का “ऑपरेशन कालनेमि” तेजी से असर दिखा रहा है। इस विशेष अभियान में रविवार तक तीन दिनों के भीतर 82 बहुरूपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश अन्य राज्यों से आकर यहाँ साधु-संत का भेष धारण कर भोले-भाले श्रद्धालुओं को ठगने का काम कर रहे थे।
क्या है ऑपरेशन कालनेमि?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्म के नाम पर ठगी और अंधविश्वास फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए “ऑपरेशन कालनेमि” की शुरुआत की। यह अभियान उन लोगों के खिलाफ है जो संतों का भेष धरकर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं को मानसिक रूप से प्रभावित करते हैं, उनकी समस्याओं का समाधान बताकर उनसे पैसे ऐंठते हैं।
तीन दिन, 82 गिरफ्तारी — बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, रविवार को ही 34 ढोंगी बाबा गिरफ्तार किए गए, जिनमें से 23 अन्य राज्यों से उत्तराखंड आए थे। पुलिस ने इन बाबाओं को विभिन्न थाना क्षेत्रों में तलाशी और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया।
इनके खिलाफ भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए ढोंगी बाबाओं की सूची में कौन-कौन शामिल?
पुलिस ने जिन बहुरूपियों को पकड़ा, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों से आए व्यक्ति शामिल हैं। कुछ प्रमुख नाम और उनके पते:
- राजेंद्र गिरी – फरीदाबाद, हरियाणा
- बलविंदर – पटियाला, पंजाब
- अनिश पांडेय – चित्रकूट, उत्तर प्रदेश
- रामबाबू – छपरा, बिहार
- देव गौड़ – सुंदरगढ़, ओडिशा
- राजू – पुष्कर, राजस्थान
- लालू नाथ – रायवाला, देहरादून
- पप्पू प्रसाद – सिंघल मंडी, देहरादून
- विक्की – ज्वालापुर, हरिद्वार
- टसनू – कुसुम विहार, देहरादून
(सूची में कुल 32 प्रमुख नाम शामिल, पूरी सूची थानों को भेजी गई है)
SSP अजय सिंह बोले:
“हमारा मकसद है कि देवभूमि की आस्था और श्रद्धा के साथ कोई खिलवाड़ न करे। जो भी व्यक्ति फर्जी बाबाओं की तरह घूमकर लोगों को भ्रमित कर रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
कैसे करते थे ठगी?
- महिला और युवाओं को मनोकामना पूरी करने के नाम पर प्रभावित करना
- घरेलू समस्याओं का निदान बताकर पैसे वसूलना
- झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और दान-दक्षिणा के बहाने से मालामाल बनने का लालच देना
- कई मामलों में चोरी, जेबतराशी और मोबाइल ठगी की घटनाओं से भी जुड़े हैं कुछ आरोपी
आस्था की आड़ में अपराध नहीं बर्दाश्त
देहरादून पुलिस का यह अभियान पूरे प्रदेश के लिए एक कड़ा संदेश है —
अब साधु के भेष में कोई “कालनेमि” समाज को गुमराह नहीं कर पाएगा।


