देहरादून, 20 फरवरी 2026
महमूद मदनी से जुड़े शेखुल एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट की भूमि बिक्री के मामले में देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान तथ्यों को छिपाकर कराए गए लैंड यूज परिवर्तन (धारा 143) को लेकर पांच लोगों की अनुमति निरस्त कर दी गई है। साथ ही ट्रस्ट की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से बेची गई जमीन के 193 खरीदारों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
लैंड यूज परिवर्तन की अनुमति रद्द
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में भूमि का उपयोग परिवर्तन कराने के लिए आवश्यक तथ्यों को छिपाया गया। इस आधार पर पांच संबंधित व्यक्तियों की धारा 143 के तहत मिली अनुमति को निरस्त कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है और आगे की जांच जारी है।
193 भूमि खरीदारों को नोटिस
जिला प्रशासन ने ट्रस्ट द्वारा दी गई पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर की गई भूमि बिक्री के संबंध में 193 खरीदारों को नोटिस जारी किए हैं। सभी से निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है।
प्रशासन का कहना है कि जवाब मिलने के बाद अगली वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धोखाधड़ी और कोर्ट निर्देशों की जांच
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि ट्रस्ट की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी प्राप्त करने वाले रईस अहमद ने भूमि खरीदारों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी तो नहीं की।
साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं हाईकोर्ट के किसी निर्देश को छिपाकर या उसकी अनदेखी कर भूमि की बिक्री तो नहीं की गई।
आगे की प्रक्रिया
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
शेखुल हिंद ट्रस्ट की भूमि बिक्री प्रकरण में जिला प्रशासन की यह कार्रवाई प्रदेश में जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें नोटिस के जवाब और आगे की जांच पर टिकी हैं।


