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Dehradun Protest: खेल मंत्री के पति के खिलाफ एफआईआर की मांग, डालनवाला थाने में महिला कांग्रेस का देर रात तक धरना

स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
तिथि : 13 जनवरी 2026

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राजनीतिक माहौल उस समय गर्मा गया, जब खेल मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने डालनवाला थाने में जोरदार प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिलाएं दिन से लेकर देर रात तक थाने पर डटी रहीं और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग करती रहीं।


प्रदर्शन के दौरान हालात उस वक्त और तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने दिन में कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया। हालांकि, कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी दोबारा डालनवाला थाने पहुंच गए और धरना जारी रखा। शाम ढलने के बाद भी महिलाएं थाने परिसर में डटी रहीं और एफआईआर दर्ज होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।


महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच से दिया गया एक बयान महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला और बेहद शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 2 जनवरी को डालनवाला थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। रौतेला ने दो टूक कहा कि जब तक कानूनी कार्रवाई नहीं होती, महिला कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी।


देर रात पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और महिला कांग्रेस के धरने को समर्थन दिया। उनके पहुंचने से आंदोलन को और बल मिला। मौके पर मौजूद नेताओं ने पुलिस और प्रशासन से मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग दोहराई।


रात में एसपी सिटी प्रमोद कुमार डालनवाला थाने पहुंचे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने उन्हें अपना मांगपत्र सौंपा। एसपी सिटी ने पूरे मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात धरना समाप्त किया गया।


डालनवाला थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुंवर ने बताया कि इस मामले में कांग्रेस नेता की ओर से पहले ही एक प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है। चूंकि मामला अल्मोड़ा जनपद से संबंधित बताया गया है, इसलिए प्रार्थनापत्र को संबंधित थाने को भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने तीन बार प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस लाइन छोड़ा, लेकिन हर बार वे पुनः थाने पहुंच गईं।


निष्कर्ष:
डालनवाला थाने में हुआ यह प्रदर्शन न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया, बल्कि महिला सम्मान और कानून व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े कर गया। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायत के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं और महिला कांग्रेस की मांगों पर प्रशासन किस तरह अमल करता है।

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