अंगदान से अमर हुए ऋषिकेश के रघु पासवान, मृत्यु के बाद भी पांच जिंदगियों को दिया जीवनदान
ऋषिकेश | 23 जनवरी 2026 कभी-कभी इंसान अपने कर्मों से मृत्यु के बाद भी जीवित रहता है। ऋषिकेश के 42 वर्षीय राजमिस्त्री रघु पासवान ने ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। एक सड़क हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए रघु पासवान के अंगदान से देश के पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल…


