कांग्रेस की पत्रकारवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार के घोटाले गिनाए। कहा कि मामलों में जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस की प्रेसकांफ्रेस में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तीन फरवरी 2025 को क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक वन निगम ने दोबारा मालदारी ठेकेदारी प्रथा लागू करने का पत्र जारी किया। जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। वहीं कोटद्वार के बनियाली क्षेत्र में रेत का ठेका एक रुपया घन मीटर के हिसाब से दिया गया है। हरिद्वार के गेट नम्बर एक और दो में करीब 19 लाख का घोटाला पकड़ा गया, केवल एक को सस्पेंड किया।
माहरा ने कहा कि कोरोना के समय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति का घोटाला सामने आया था। 428 कर्मचारी भर्ती हुए थे। मंत्री ने एसआईटी का गठन किया था। लेकिन उसके बाद क्या कार्रवाई हुई, उसका कुछ पता नहीं। आजकल एलयूसीसी को लेकर नया मामला सामने है। कॉपरेटिव के माध्यम से महिलाओं को बरगलाया गया। धन सिंह रावत का आरोप झूठा है। तब आचार संहिता लगी हुई थी। भाजपा की सरकार में ये संस्था आई थी। मंत्री को बताना चाहिए कि कौन जिम्मेदार हैं।
2022 के मंत्री धन सिंह क्या कर रहे थे। संस्था खाते खाली करके जा चुकी है। महिलाएं परेशान हैं। लोग उन पर दबाव बना रहे हैं। सहकारिता विभाग की इस मामले में पूरी गलती है। उन्होंने 2022 में केंद्र को शिकायत करके ही क्यों छोड़ दिया, अपने स्तर से कार्रवाई क्यों नहीं की।


