देहरादून | 14 जनवरी 2026
उत्तराखंड में आगामी चुनावी तैयारियों के तहत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता तो बढ़ी है, लेकिन लक्ष्य के मुकाबले रफ्तार अभी भी धीमी नजर आ रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का दावा किया है, हालांकि अब तक कुल 11,700 बूथों के सापेक्ष सिर्फ 8,700 बीएलए ही तैनात हो पाए हैं।
प्रदेश में जल्द ही चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू किए जाने की संभावना है। इससे पहले आयोग ने सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों को बीएलए-1 और बीएलए-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए बीएलए-1 की तैनाती पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन हर मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की नियुक्ति में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 11,700 मतदान केंद्रों के लिए प्रत्येक पंजीकृत राजनीतिक दल को समान संख्या में बीएलए-2 तैनात करने हैं। भाजपा ने अब तक 5,300 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं, जबकि कांग्रेस की संख्या 3,200 तक पहुंची है। शेष चार पंजीकृत दलों ने मिलकर लगभग 200 बीएलए नियुक्त किए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कुल छह पंजीकृत राजनीतिक दल हैं। इस आधार पर बीएलए-2 की कुल अपेक्षित संख्या 70,200 होनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में केवल 8,700 बीएलए ही नियुक्त हो सके हैं, जो आयोग के निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि आगामी एसआईआर अभियान में बीएलए की भूमिका बेहद अहम होगी। बीएलए अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के सत्यापन और पात्र मतदाताओं को शामिल कराने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में नियुक्त किए गए बीएलए के नाम भविष्य में बदले भी जा सकते हैं, लेकिन समय रहते तैनाती जरूरी है। इसी क्रम में राजनीतिक दलों से लगातार पूरी संख्या में बीएलए नियुक्त करने की अपील की जा रही है।
इस मामले पर भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार ने कहा कि पार्टी ने 5,300 बीएलए की तैनाती कर दी है और शेष के लिए चिह्नांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। फॉर्म भरने का काम पूरा होते ही सभी 11,700 मतदान केंद्रों के लिए बीएलए तैनात कर दिए जाएंगे।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि पार्टी ने 3,200 से अधिक बीएलए नियुक्त कर दिए हैं। फॉर्म भरने और डाटा अपडेट की प्रक्रिया के कारण संख्या में विलंब दिख रहा है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
निष्कर्ष:
बीएलए नियुक्ति को लेकर राजनीतिक दलों की कोशिशें जारी हैं, लेकिन एसआईआर जैसे अहम अभियान से पहले लक्ष्य पूरा करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। समय रहते यदि सभी दल अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं तो मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी, अन्यथा चुनावी प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है।


