देहरादून | 22 जुलाई 2026
राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में दून मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक कैफे के बाहर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फायरिंग की वारदात करीब डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन के विवाद के चलते हुई थी।
कैफे के बाहर दोस्त पर की थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार यह घटना 19 जुलाई की है। हरिद्वार जिले के झबरेड़ा निवासी सन्नी चौधरी ने पटेलनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि दून मेडिकल कॉलेज के पास स्थित एक कैफे के बाहर उसके परिचित शुभम और युवराज ने जान से मारने की नीयत से उस पर पिस्टल से फायरिंग की।
हालांकि गोली सन्नी चौधरी को नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गया, लेकिन दिनदहाड़े हुई फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
मुकदमा दर्ज कर शुरू की गई जांच
शिकायत मिलने के बाद पटेलनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विशेष जांच टीम का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार दबिश और निगरानी के बाद पुलिस को आरोपी की लोकेशन मिलने में सफलता मिली।
चंद्रबनी मार्ग से दबोचा गया मुख्य आरोपी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 21 जुलाई को 27 वर्षीय शुभम पंवार, निवासी ग्राम डेलना, थाना झबरेड़ा, जनपद हरिद्वार को चंद्रबनी जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
दोस्ती टूटी, पैसों के विवाद में चली गोली
जांच के दौरान आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसका और पीड़ित सन्नी चौधरी का पहले अच्छा दोस्ताना संबंध था। दोनों के बीच लगभग डेढ़ लाख रुपये का लेन-देन था, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी कई बार विवाद सुलझाने की कोशिश कर चुका था, लेकिन दोनों की मुलाकात नहीं हो पा रही थी। घटना वाले दिन उसे जानकारी मिली कि सन्नी चौधरी उसके एक मित्र के पीजी हॉस्टल के पास मौजूद है। इसके बाद वह वहां पहुंचा और बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि उसने गुस्से में पिस्टल निकालकर फायर कर दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बीच-बचाव किया, जिससे पीड़ित की जान बच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया।
दूसरे आरोपी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पटेलनगर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मामले में नामजद दूसरे आरोपी युवराज की भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की साजिश में उसकी क्या भूमिका थी और क्या उसने फायरिंग की योजना बनाने या आरोपी की मदद करने में कोई सहयोग किया था।
निष्कर्ष
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग की घटना निजी आर्थिक विवाद का परिणाम निकली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर हथियार भी बरामद कर लिया है। अब मामले में दूसरे आरोपी की तलाश और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


