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उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज, कई जिलों के लिए अलर्ट; देहरादून में 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश

देहरादून, उत्तराखंड
30 अगस्त 2026

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और देर रात से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए विशेष चेतावनी जारी की है। खराब मौसम और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने देहरादून में 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 29 अगस्त से 2 सितंबर तक उत्तराखंड में कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तीन मौसम प्रणालियों के संयुक्त असर से बढ़ेगी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। अगले 48 घंटों के दौरान इस मौसम प्रणाली के और अधिक प्रभावी होने तथा आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा मानसून ट्रफ अमृतसर से लेकर इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक फैली हुई है। वहीं उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन तीनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

30 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 30 अगस्त के लिए देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना जताई है।

इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और संबंधित विभागों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

31 अगस्त को देहरादून समेत चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इसके साथ ही टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।

लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

देहरादून में स्कूल बंद रखने के आदेश

भारी बारिश की चेतावनी और संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने 31 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं।

यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बारिश के दौरान जलभराव, सड़क अवरोध और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए अभिभावकों और छात्रों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

एक और दो सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है।

भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी से बहुत भारी बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं। कई स्थानों पर सड़कें और राजमार्ग बाधित होने की संभावना बनी हुई है।

मैदानी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा नदियों, गदेरों और बरसाती नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना रहेगा।

कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों और धान तथा मक्का जैसी खरीफ फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश के कारण बिजली और पेयजल आपूर्ति के साथ ही हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी है। लोगों से तीव्र ढलानों और कमजोर पहाड़ियों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है।

चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि यात्रा केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही की जाए और मार्गों की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ा जाए।

नदियों, नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों से जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

प्रदेश में 52 सड़कें बंद, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी

प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण शनिवार को कुल 52 सड़क मार्ग बंद रहे, जिनमें 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। सड़कों के बंद होने से कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बागेश्वर में सात, चमोली में 13, चंपावत में एक और देहरादून में छह मार्गों पर आवागमन ठप रहा। इसके अलावा नैनीताल में दो, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में पांच और उत्तरकाशी में दो सड़कें बंद होने की सूचना है।

संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को लगाया गया है। हालांकि लगातार बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक कई जिलों में भारी और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। देहरादून समेत कई जिलों में प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है, जबकि देहरादून में 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने का निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।

प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदियों और बरसाती नालों के पास न जाएं तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। मौसम की लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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