ऋषिकेश, उत्तराखंड
30 अगस्त 2026
तीर्थनगरी ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का आनंद लेने का इंतजार कर रहे पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों के लिए फिलहाल निराशाजनक खबर है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में 1 सितंबर से रिवर राफ्टिंग का संचालन शुरू होने की संभावना फिलहाल नहीं है।
गंगा के तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही नदी की स्थिति का निरीक्षण कर राफ्टिंग संचालन शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
बरसात के कारण उफान पर गंगा और सहायक नदियां
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर गंगा नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। गंगा और उसकी सहायक नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण ऋषिकेश क्षेत्र में जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है।
बरसात के मौसम में तेज बहाव और नदी की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए राफ्टिंग गतिविधियों को सुरक्षित नहीं माना जाता। यही कारण है कि हर वर्ष मानसून के दौरान कुछ समय के लिए रिवर राफ्टिंग का संचालन बंद रखा जाता है।
30 जून से बंद थी राफ्टिंग, 1 सितंबर से शुरू होने की थी उम्मीद
बरसात के मौसम और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 30 जून को रिवर राफ्टिंग का संचालन बंद कर दिया गया था। करीब दो महीने के अंतराल के बाद 1 सितंबर से दोबारा राफ्टिंग शुरू होने की उम्मीद थी।
लेकिन इस बार लगातार हो रही भारी बारिश ने राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों और पर्यटकों की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है। गंगा का जलस्तर सामान्य से अधिक होने के कारण 1 सितंबर से संचालन शुरू करना संभव नहीं माना जा रहा है।
जलस्तर कम होने के बाद होगी नदी की रैकी
पर्यटन विभाग के अनुसार गंगा का जलस्तर सामान्य स्तर पर आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सबसे पहले विभागीय टीम नदी और राफ्टिंग मार्गों की रैकी करेगी।
रैकी के दौरान नदी के बहाव, राफ्टिंग मार्गों, संभावित जोखिम वाले स्थानों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। सभी परिस्थितियां सुरक्षित पाए जाने के बाद ही रिवर राफ्टिंग को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
राफ्टिंग व्यवसायियों को जारी होंगे आवश्यक निर्देश
गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश भट्ट के अनुसार फिलहाल गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और ऐसी स्थिति में राफ्टिंग का संचालन संभव नहीं है।
जलस्तर कम होने के बाद विभागीय प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद पर्यटन विभाग की ओर से राफ्टिंग व्यवसायियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
जिला पर्यटन अधिकारी ने कहा, जलस्तर कम होने तक इंतजार जरूरी
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी सोबन सिंह राणा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में गंगा नदी में राफ्टिंग का संचालन संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नदी का जलस्तर कम नहीं होता, तब तक राफ्टिंग शुरू करने के लिए इंतजार करना होगा।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों, राफ्टिंग गाइडों और इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इन प्रमुख रूटों पर पर्यटक लेते हैं रिवर राफ्टिंग का आनंद
ऋषिकेश क्षेत्र में गंगा नदी पर अलग-अलग दूरी और रोमांच के स्तर के अनुसार कई राफ्टिंग रूट संचालित किए जाते हैं।
कौड़ियाला से रामझूला और नीमबीच तक लगभग 35 किलोमीटर
कौड़ियाला से शिवपुरी तक लगभग 20 किलोमीटर
मरीन ड्राइव से रामझूला और नीमबीच तक लगभग 25 किलोमीटर
शिवपुरी से रामझूला और नीमबीच तक लगभग 15 किलोमीटर
मरीन ड्राइव से शिवपुरी तक लगभग 10 किलोमीटर
ब्रह्मपुरी से रामझूला और नीमबीच तक लगभग 9 किलोमीटर
क्लब हाउस से रामझूला और नीमबीच तक लगभग 9 किलोमीटर
पर्यटन कारोबार पर भी पड़ रहा असर
ऋषिकेश देश और विदेश के पर्यटकों के बीच रिवर राफ्टिंग के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां गंगा की लहरों के बीच साहसिक खेलों का अनुभव करने पहुंचते हैं।
राफ्टिंग गतिविधियां बंद रहने से इस क्षेत्र के पर्यटन कारोबार और राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी असर पड़ता है। हालांकि सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग जल्दबाजी में राफ्टिंग शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में गंगा नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर फिलहाल रिवर राफ्टिंग के शौकीनों का इंतजार बढ़ाने वाला है। 1 सितंबर से राफ्टिंग शुरू होने की उम्मीद लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
अब गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद पर्यटन विभाग नदी की रैकी करेगा और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही राफ्टिंग संचालन की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में पर्यटकों और राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को फिलहाल मौसम और नदी की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना होगा।


