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ऋषिकेश नाबालिग दुष्कर्म मामले में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, होटल सील; मैनेजर और संचालक पहले से जेल में

स्थान: ऋषिकेश, उत्तराखंड
दिनांक: 5 सितंबर 2026

ऋषिकेश में 16 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में प्रशासन ने अब होटल के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। रेलवे रोड स्थित उस होटल में किए गए कथित अनधिकृत निर्माण को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शनिवार, 5 सितंबर को सील कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव के आदेश के बाद की गई।

अनधिकृत निर्माण पर एमडीडीए की कार्रवाई

होटल सील करने की कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के एई अभिषेक भारद्वाज, जेई पूनम सकलानी और जेई जयदीप राणा समेत संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई को देखते हुए पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

प्रशासन की यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब होटल पहले से ही नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले को लेकर जांच के केंद्र में है।

29 अगस्त को सामने आया था दुष्कर्म का मामला

मामला 29 अगस्त 2026 का है। आरोप है कि ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल में 16 वर्षीय नाबालिग को बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद नाबालिग की तबीयत बिगड़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।

30 अगस्त को पीड़िता के पिता ने कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मुख्य आरोपी को हरिद्वार से किया गया गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए ऋषिकेश पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुजफ्फरनगर निवासी 21 वर्षीय सोफियान को 31 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को हरिद्वार क्षेत्र में सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से पकड़ा।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से पीड़िता से संबंधित फोटो और वीडियो भी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए होटल प्रबंधन की भूमिका की भी पड़ताल की।

बिना आईडी और वेरिफिकेशन के होटल में दिया गया प्रवेश

जांच में पुलिस के अनुसार, नाबालिग को होटल में बिना वैध पहचान पत्र और आवश्यक वेरिफिकेशन के प्रवेश दिया गया था। होटल के रजिस्टर में भी कथित तौर पर उसकी उचित एंट्री नहीं की गई थी।

पुलिस जांच में होटल प्रबंधन पर यह भी आरोप सामने आया कि घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को तत्काल सूचना नहीं दी गई। इसके अलावा, नाबालिग को होटल से बाहर ले जाते समय सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।

मैनेजर और होटल संचालक भी गिरफ्तार

होटल प्रबंधन की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और संचालक राहुल अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है।

इस तरह मामले में मुख्य आरोपी समेत होटल प्रबंधन से जुड़े कुल तीन आरोपी फिलहाल जेल में हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

होटल का लाइसेंस रद्द करने की भी कार्रवाई

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। होटल का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने के लिए सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश को रिपोर्ट भेजी गई थी।

इसी क्रम में अब एमडीडीए ने होटल में कथित अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की है। बताया गया है कि होटल का नक्शा आरोपी राहुल अग्रवाल के पिता के नाम पर स्वीकृत हुआ था। ऐसे में भवन से जुड़े दस्तावेजों और निर्माण की वैधता को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर जांच का दायरा बढ़ सकता है।

आगे किन बिंदुओं पर रहेगी नजर

नाबालिग से जुड़े इस गंभीर मामले में पुलिस की आपराधिक जांच के साथ-साथ होटल के भवन, निर्माण और संचालन से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है। होटल सील किए जाने के बाद अब उसके लाइसेंस, निर्माण की स्वीकृति और भविष्य में संचालन को लेकर संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

निष्कर्ष

ऋषिकेश के इस मामले में पुलिस ने जहां मुख्य आरोपी के साथ होटल मैनेजर और संचालक को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की है, वहीं प्रशासन ने अब होटल के कथित अनधिकृत निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की है। नाबालिग की सुरक्षा और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी जारी है। आगे जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य कानूनी और विभागीय कदम उठाए जा सकते हैं।

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