मसूरी, 13 सितंबर 2026
वीकेंड पर पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार नजर आई। दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानी शहर पहुंचे, जिससे मालरोड, बाजारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर खूब चहल-पहल रही। पर्यटकों की भारी आमद से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों के कारोबार में भी तेजी देखने को मिली। हालांकि, देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात व्यवस्था ने पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
पानी वाले बैंड पर थम गई वाहनों की रफ्तार
वीकेंड के दौरान दोपहर बाद देहरादून से मसूरी की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी। पानी वाले बैंड के पास सड़क संकरी होने और क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। देखते ही देखते वाहनों की कतार कई किलोमीटर तक पहुंच गई।
जाम में फंसे पर्यटकों को कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में घंटों का समय लग गया। कई परिवार अपने वाहनों में लंबे समय तक फंसे रहे। गर्मी और लगातार रेंगते यातायात के कारण बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली और पंजाब से पहुंचे पर्यटकों ने बताई परेशानी
दिल्ली से परिवार के साथ मसूरी पहुंचे पर्यटक शुभांशु चौधरी ने बताया कि उन्हें देहरादून से मसूरी पहुंचने में करीब तीन घंटे लग गए। पानी वाले बैंड के पास काफी देर तक वाहन जाम में फंसा रहा। उनका कहना था कि वीकेंड पर मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या पहले से अधिक रहती है, ऐसे में सड़क की स्थिति और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
पंजाब से आए जसबीर सिंह ने भी जाम और सड़क की खराब स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिए लोग दूर-दूर से मसूरी पहुंचते हैं, लेकिन रास्ते में घंटों जाम में फंसने से यात्रा का काफी समय खराब हो जाता है। उन्होंने पानी वाले बैंड के पास सड़क को जल्द ठीक कराने की मांग की।
पर्यटकों की भीड़ से मालरोड और बाजारों में रौनक
जाम के बावजूद मसूरी के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ रही। मालरोड, बाजारों और अन्य प्रमुख स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के साथ टैक्सी संचालकों और छोटे दुकानदारों को भी वीकेंड की भीड़ का लाभ मिला।
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या मसूरी के लिए अच्छी बात है, लेकिन यदि देहरादून-मसूरी मार्ग पर लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ेगा तो इसका नकारात्मक असर पर्यटन व्यवस्था और शहर की छवि पर पड़ सकता है।
यातायात व्यवस्था पर भी उठे सवाल
पानी वाले बैंड पर सड़क की संकरी स्थिति और क्षतिग्रस्त हिस्से को देखते हुए वीकेंड के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शनिवार और रविवार को मसूरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ना कोई नई बात नहीं है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर पहले से प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ पुलिस और यातायात विभाग को भी वीकेंड के दौरान अतिरिक्त व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसी एक स्थान पर वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबा जाम न लगे। खासकर पानी वाले बैंड जैसे संकरे और संवेदनशील हिस्सों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
सड़क सुधार के साथ स्थायी ट्रैफिक प्लान की मांग
स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पानी वाले बैंड की क्षतिग्रस्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल जाम खुलवाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। सड़क की स्थिति सुधारने के साथ वीकेंड और पर्यटन सीजन के लिए अलग यातायात प्रबंधन योजना तैयार करना जरूरी है।
निष्कर्ष
मसूरी में पर्यटकों की बढ़ती आमद पर्यटन कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन देहरादून-मसूरी मार्ग पर लगने वाला लंबा जाम इस खुशी पर भारी पड़ रहा है। यदि सड़क की खराब स्थिति को जल्द सुधारा जाए और वीकेंड के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए, तो पर्यटकों को राहत मिलने के साथ मसूरी की पर्यटन व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।


