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छात्र संघ चुनावों में बड़ा बदलाव, छात्राओं को मिलेगा 50 फीसदी प्रतिनिधित्व

देहरादून, 13 सितंबर 2026

उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय परिसरों में छात्र संघ चुनावों को लेकर सरकार प्रतिनिधित्व के मौजूदा ढांचे में बदलाव करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था के तहत छात्र संघ और छात्र परिषदों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में तीन दिन के भीतर प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

छात्राओं की संख्या के अनुरूप नेतृत्व में भी भागीदारी

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की संख्या 65 फीसदी से अधिक है। ऐसे में सरकार का मानना है कि छात्राओं की संख्या के अनुपात में उन्हें छात्र राजनीति और संस्थागत नेतृत्व में भी पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और संबंधित अधिकारियों से छात्र संघ एवं छात्र परिषदों के वर्तमान प्रतिनिधित्व ढांचे की समीक्षा कर उसमें आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। प्रस्ताव शासन को मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

चुनाव की तारीखें जल्द घोषित करने के निर्देश

छात्र संघ चुनावों को लेकर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लंबे समय से तैयारी चल रही है। सरकार अब प्रतिनिधित्व व्यवस्था में बदलाव के साथ चुनाव प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने के पक्ष में है। मंत्री ने कुलपतियों को छात्र संघ और छात्र परिषदों के चुनाव की तिथियां जल्द घोषित करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर छात्राओं की छात्र प्रतिनिधित्व में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। इसे उच्च शिक्षा संस्थानों में महिला नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान से जुड़ेंगे कॉलेज और विश्वविद्यालय

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के राजकीय और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को सेवा संकल्प अभियान से जोड़ने की भी तैयारी की है। इसके तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में विकसित भारत के संकल्प को लेकर भाषण, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए युवा संवाद कार्यक्रम भी होंगे, जिनके जरिए उन्हें सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

एनसीसी-एनएसएस से जुड़े युवा साझा करेंगे प्रेरक अनुभव

अभियान के दौरान एनसीसी, एनएसएस, रोवर रेंजर्स और मेधावी विद्यार्थियों को भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। विद्यार्थी सेवा कार्यों से जुड़े अपने अनुभव और प्रेरक कहानियां साझा करेंगे।

इसके अलावा वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और अन्य सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर रहेगा। विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा।

महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने छात्राओं को प्रतिनिधित्व देने के फैसले को महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कहा कि जब उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की संख्या 65 फीसदी से अधिक है, तो उन्हें नेतृत्व के अवसरों में भी पर्याप्त भागीदारी मिलनी चाहिए।

उनका कहना है कि छात्राओं को केवल शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय निर्णय लेने और नेतृत्व करने की भूमिका में आगे बढ़ाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से छात्र संघों और छात्र परिषदों में 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने को लेकर प्रस्ताव मांगा गया है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में छात्र संघ चुनावों के प्रतिनिधित्व ढांचे में प्रस्तावित बदलाव छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। अब निगाहें शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव और उस पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आगामी छात्र संघ चुनावों में छात्राओं की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी दिखाई दे सकती है। साथ ही सेवा संकल्प अभियान के जरिए युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश भी उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र सहभागिता का दायरा बढ़ा सकती है।

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