देहरादून, 13 सितंबर 2026
स्वास्थ्य विभाग में सरकारी टेंडर और विभागीय काम दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों ने खुद को स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ा अधिकारी बताकर अपनी ऊंची पहुंच का दावा किया और शिकायतकर्ता को सरकारी काम दिलाने का भरोसा दिया। इस मामले में कुल 12.38 लाख रुपये लिए गए, जिसमें से केवल दो लाख रुपये वापस किए गए। शेष 10 लाख 38 हजार रुपये वापस नहीं किए गए।
मामले में चंदन सिंह रावत की शिकायत पर नेहरू कॉलोनी थाने में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग में पहुंच का दावा कर जीता भरोसा
शिकायतकर्ता चंदन सिंह रावत के अनुसार, उनकी मुलाकात अतुल घुघत्याल से हुई थी। अतुल ने खुद को स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय में कार्यरत बताया और दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ शासन स्तर पर भी उसकी अच्छी पहुंच है।
आरोप है कि अतुल ने चंदन को सरकारी टेंडर और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य काम आसानी से दिलाने का भरोसा दिया। उसकी बातों पर विश्वास करने के बाद चंदन की मुलाकात प्रकाश मेहरा उर्फ प्रकाश नेगी से कराई गई।
दूसरे आरोपी ने खुद को एनएचएम निदेशक बताया
शिकायत के मुताबिक, प्रकाश मेहरा उर्फ प्रकाश नेगी ने खुद को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का निदेशक बताया। दोनों आरोपियों ने मिलकर चंदन को यह विश्वास दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग में उनके प्रभाव के चलते सरकारी टेंडर और अन्य विभागीय काम आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।
इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग समय पर रकम की मांग शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों को 6 लाख 50 हजार रुपये नकद दिए।
खाते में ट्रांसफर कराए 5.88 लाख रुपये
चंदन सिंह रावत का आरोप है कि करीब एक महीने बाद आरोपियों के कहने पर उन्होंने 5 लाख 88 हजार रुपये बिमला राठौर के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर किए। इस तरह आरोपियों को कुल 12 लाख 38 हजार रुपये दिए गए।
हालांकि, कुछ समय बाद आरोपियों ने चंदन को केवल दो लाख रुपये वापस किए। इसके बाद जब उन्होंने बकाया 10 लाख 38 हजार रुपये लौटाने की मांग की तो दोनों आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे।
रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो अतुल घुघत्याल ने उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद चंदन ने पुलिस से मामले की शिकायत की और दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता ने पुलिस के सामने यह आशंका भी जताई है कि आरोपियों ने सरकारी विभागों में काम और टेंडर दिलाने का झांसा देकर उत्तराखंड के दूसरे जिलों में भी अन्य लोगों से इसी तरह रकम ठगी हो सकती है।
हल्द्वानी के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी देवेंद्र चौहान के मुताबिक, प्राथमिकी में नामजद अतुल घुघत्याल उर्फ बहादुर सिंह बोरा कॉलोनी, कमलुवागांजा, हल्द्वानी का निवासी बताया गया है। वहीं दूसरे आरोपी प्रकाश मेहरा उर्फ प्रकाश नेगी का पता वेस्ट खेड़ा, काठगोदाम बताया गया है।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान आरोपियों की वास्तविक पहचान, उनके द्वारा बताए गए पद और स्वास्थ्य विभाग तथा शासन स्तर के अधिकारियों से कथित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस खंगालेगी ठगी से जुड़े अन्य पहलू
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से किस आधार पर रकम ली और सरकारी टेंडर दिलाने के लिए किए गए दावों में कितनी सच्चाई थी। इसके साथ ही बैंक खातों में हुए लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों की भी जांच की जाएगी।
यदि जांच में अन्य लोगों से इसी तरह रकम लेने के तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
सरकारी विभाग में ऊंची पहुंच और टेंडर दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का यह मामला लोगों के लिए भी चेतावनी है। पुलिस अब आरोपियों द्वारा खुद को सरकारी अधिकारी बताए जाने से लेकर पैसों के लेनदेन तक हर पहलू की जांच कर रही है। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ रही है और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।


