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बच्चों का भविष्य संवारने दिल्ली गई कविता की संदिग्ध मौत, दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया

अल्मोड़ा, 13 सितंबर 2026

बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर करीब चार साल पहले पति और दो बच्चों के साथ दिल्ली गई अल्मोड़ा की कविता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मायके में मातम पसर गया। मृतका के परिवार ने उसकी मौत को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कविता अपने पीछे सात साल की बेटी और 10 साल के बेटे को छोड़ गई है। मां की अचानक मौत से दोनों मासूमों के सिर से ममता का साया उठ गया है।

14 साल पहले हुई थी कविता की शादी

लमगड़ा क्षेत्र के गैलाकोट निवासी कविता की शादी करीब 14 साल पहले शहरफाटक डोल निवासी पान सिंह के साथ हुई थी। मृतका के भाई वीरेंद्र के अनुसार, शादी के बाद से ही उनकी बहन को कथित तौर पर पति की मारपीट और घरेलू उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था।

वीरेंद्र का आरोप है कि गांव में रहने के दौरान भी कविता पति के व्यवहार से परेशान थी। इसी को लेकर उसने लमगड़ा थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

माफीनामे के बाद शांत हुआ था मामला

परिजनों के मुताबिक, उस समय दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद लिखित माफीनामा हुआ था। इसके बाद मामला शांत हो गया और परिवार सामान्य रूप से रहने लगा।

करीब चार साल पहले पान सिंह अपनी पत्नी कविता और दोनों बच्चों को लेकर दिल्ली चला गया। परिवार दिल्ली के पटेलनगर इलाके में रहने लगा। बताया गया कि पति वाहन चलाने का काम करता था, जबकि कविता भी निजी काम करके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहयोग कर रही थी।

9 सितंबर को सामने आई मौत की खबर

परिजनों के अनुसार, 9 सितंबर को कविता की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की जानकारी मायके वालों को मिली। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मायके पक्ष के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और उन्हें कविता की मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल हैं।

मृतका के भाई वीरेंद्र ने बहन की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया

कविता की मौत का सबसे गहरा असर उसके दोनों बच्चों पर पड़ा है। सात वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा अब मां के बिना जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। परिवार के लोगों के मुताबिक, बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद में ही कविता करीब चार साल पहले पति के साथ दिल्ली गई थी।

लेकिन जिस भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उसने घर से दूर जाकर मेहनत की, वही सफर अब परिवार के लिए दर्दनाक याद बन गया है।

मायके पक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग

मृतका के भाई वीरेंद्र ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कविता की मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि घटना में किसी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

परिजनों ने जांच एजेंसियों से घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करने और कविता की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की अपील की है।

निष्कर्ष

कविता की संदिग्ध मौत ने उसके मायके और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। चार साल पहले बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर दिल्ली गई कविता अब अपने दोनों मासूम बच्चों को पीछे छोड़ गई है। फिलहाल मायके पक्ष की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कविता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।

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