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सीने में दर्द के बाद अचानक जमीन पर गिरा शख्स, मेडिकल स्टोर संचालक ने CPR देकर बचाई जान

दिनांक: 17 सितंबर 2026
स्थान: कर्णप्रयाग, चमोली

चमोली जिले में समय पर मिली प्राथमिक चिकित्सा ने एक व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। कर्णप्रयाग-सिमली मार्ग पर स्थित एक मेडिकल स्टोर में 16 सितंबर की देर शाम सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह स्टूल पर बैठा था और कुछ ही देर में अचानक जमीन पर गिर पड़ा।

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल स्टोर संचालक कैलाश चंद्र ने बिना देर किए उसे CPR देना शुरू किया। इसके बाद व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि उसकी हालत में अब सुधार है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें व्यक्ति को अचानक गिरते और मेडिकल स्टोर संचालक को तत्काल उसकी मदद करते देखा जा सकता है।

मां के साथ मेडिकल स्टोर पहुंचा था व्यक्ति

मेडिकल स्टोर संचालक कैलाश चंद्र के अनुसार, 16 सितंबर की देर शाम एक व्यक्ति अपनी मां के साथ दुकान पर आया था। उसने सीने में दर्द होने की शिकायत की। इसके बाद कैलाश चंद्र ने उसका ब्लड प्रेशर जांचा, जो करीब 140 बताया गया।

मेडिकल स्टोर संचालक ने उसे तत्काल अस्पताल जाने की सलाह दी, लेकिन व्यक्ति ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। उसने सीने में दर्द को गैस की समस्या बताते हुए गैस की दवा देने के लिए कहा।

बात करते-करते अचानक स्टूल से नीचे गिरा

इसी दौरान व्यक्ति मेडिकल स्टोर में रखे स्टूल पर बैठा हुआ था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह स्टूल से नीचे जमीन पर गिर गया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोग घबरा गए।

हालांकि कैलाश चंद्र ने बिना समय गंवाए स्थिति संभाली। उन्होंने व्यक्ति को CPR देना शुरू किया और इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। समय पर मिली मदद के बाद व्यक्ति को उपचार मिल सका।

अस्पताल में डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं और उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।

फार्मेसी की ट्रेनिंग और अस्पताल में काम का अनुभव आया काम

कैलाश चंद्र ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में देहरादून से फार्मेसी का प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में करीब तीन साल तक काम किया। लंबे समय से मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता की जानकारी थी।

उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। समय पर प्राथमिक सहायता मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचने तक मदद मिल सकती है।

इस घटना में भी उन्होंने इसी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए तत्काल CPR दिया।

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

मेडिकल स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना की पूरी तस्वीर सामने आई है। फुटेज में व्यक्ति को स्टूल पर बैठे देखा जा सकता है। कुछ ही क्षण बाद वह अचानक नीचे गिर जाता है।

इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक तत्काल उसकी ओर पहुंचते हैं और उसकी मदद शुरू कर देते हैं। घटना के बाद व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

CPR क्या है और कब दी जाती है?

CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा हो या उसका हृदय रुक गया हो। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना बेहद जरूरी है।

CPR देते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • सबसे पहले आपातकालीन चिकित्सा सहायता या एंबुलेंस के लिए कॉल करें और मरीज को समतल, कठोर सतह पर लिटाएं।
  • यदि व्यक्ति सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा है या प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, तो छाती के बीचोंबीच हाथ रखकर छाती पर दबाव देना शुरू करें।
  • छाती पर दबाव लगातार और तेज गति से दिया जाना चाहिए। वयस्क व्यक्ति में सामान्यतः करीब 100-120 बार प्रति मिनट की गति से chest compressions किए जाते हैं।
  • हर compression के बाद छाती को वापस अपनी सामान्य स्थिति में आने दें।
  • यदि व्यक्ति को सांस देने की प्रशिक्षित जानकारी है और ऐसा करना सुरक्षित है, तो chest compressions के साथ rescue breaths दिए जा सकते हैं। अन्यथा केवल chest compressions करना भी मददगार हो सकता है।
  • यदि उपलब्ध हो और इस्तेमाल करना आता हो, तो AED यानी automated external defibrillator का उपयोग किया जा सकता है।
  • CPR तब तक जारी रखें, जब तक व्यक्ति सामान्य रूप से सांस लेना शुरू न कर दे, कोई प्रशिक्षित मेडिकल टीम जिम्मेदारी न संभाल ले या स्थिति के अनुसार रुकने का निर्देश न मिले।

सीने में दर्द को हल्के में न लें

सीने में दर्द कई कारणों से हो सकता है और हर बार इसका कारण हृदय संबंधी समस्या हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन अचानक या गंभीर सीने के दर्द को केवल गैस मानकर नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।

यदि सीने में दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना, बेहोशी, चक्कर, कमजोरी या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण हों, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

कर्णप्रयाग-सिमली मार्ग पर हुई इस घटना में समय पर CPR मिलने से एक व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिली। मेडिकल स्टोर संचालक कैलाश चंद्र की आपात स्थिति में दिखाई गई तत्परता ने यह भी सामने ला दिया कि अचानक किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर शुरुआती सहायता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि CPR आपातकालीन सहायता है और इसका उद्देश्य मेडिकल उपचार का विकल्प बनना नहीं है, ऐसे समय में सही तरीके से दी गई तत्काल मदद मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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