देहरादून | 16 अक्टूबर 2026
देहरादून में इस बार दशहरा पर्व खास होने जा रहा है। ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में 181 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यह आयोजन शहर के दशहरा उत्सव को नया आकर्षण देने के साथ ही अब तक के सबसे बड़े रावण दहन कार्यक्रमों में शामिल होगा। बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले तैयार कर मैदान में खड़े कर दिए हैं। 20 अक्टूबर को भव्य आयोजन के दौरान बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।
पहली बार 181 फीट का रावण, भव्य लंका बनेगी आकर्षण
देहरादून के परेड ग्राउंड में हर साल दशहरा पर्व पर बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं। इस बार आयोजन को पहले से अधिक भव्य बनाने की तैयारी की गई है। पिछले साल यहां 121 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों की ऊंचाई क्रमशः 70 और 75 फीट थी।
इस वर्ष रावण की ऊंचाई बढ़ाकर 181 फीट कर दी गई है। वहीं, कुंभकर्ण और मेघनाथ के 70-70 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए गए हैं। इसके अलावा मैदान में लंका का भव्य स्वरूप भी तैयार किया जा रहा है, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
आयोजन पर खर्च होंगे करीब 21 लाख रुपये
दशहरा कार्यक्रम का आयोजन बन्नू बिरादरी की दशहरा कमेटी की ओर से किया जा रहा है। इस बार आयोजन की तैयारियों पर लगभग 21 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष यह बजट करीब 16 लाख रुपये था। पुतलों की ऊंचाई बढ़ाने, लंका की भव्य सजावट और अन्य व्यवस्थाओं के चलते इस बार आयोजन का स्तर और बड़ा किया गया है।
दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल के अनुसार, इस वर्ष 181 फीट ऊंचा रावण तैयार करना आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता है। समिति की ओर से कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
भीड़ को देखते हुए बदला गया शोभायात्रा का रास्ता
दशहरा पर्व के दौरान परेड ग्राउंड में हजारों लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती है। पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार शोभायात्रा के प्रवेश मार्ग में बदलाव किया गया है।
शोभायात्रा कालीका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रवाना होगी। इसके बाद यह पलटन बाजार, मोती बाजार और चकराता रोड से होते हुए परेड ग्राउंड पहुंचेगी।
इस बार शोभायात्रा को दून क्लब के सामने वाले प्रवेश द्वार से मैदान में नहीं लाया जाएगा। इसके बजाय तिब्बती मार्केट के गेट से प्रवेश कराया जाएगा। कमेटी का मानना है कि इस बदलाव से भीड़ की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
मैदान के गेटों पर तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी और बाउंसर
कार्यक्रम में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए परेड ग्राउंड के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। पुलिस प्रशासन की टीम के साथ दशहरा कमेटी की ओर से भी बाउंसर तैनात किए जाएंगे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
आयोजकों का प्रयास है कि लोग परिवार के साथ सुरक्षित माहौल में दशहरा उत्सव का आनंद ले सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रवेश और निकास की व्यवस्था को व्यवस्थित रखना भी प्राथमिकता रहेगी।
रिमोट से होगा रावण दहन, तकनीक का भी इस्तेमाल
इस बार दशहरा उत्सव में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। दशहरा कमेटी के प्रधान संतोख नागपाल के मुताबिक, रावण के पुतले का दहन रिमोट के जरिए किया जाएगा। पुतले में आठ विशेष बम लगाए गए हैं, जिन्हें रिमोट से सक्रिय किया जाएगा।
आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, मेयर और विधायक के रिमोट का बटन दबाकर इस प्रक्रिया में शामिल होने की योजना है। इससे रावण दहन का दृश्य और भी आकर्षक बनाने की तैयारी है।
पर्यावरण को लेकर भी रहेगा ध्यान
दशहरा कार्यक्रमों में आतिशबाजी के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इस संबंध में कमेटी की ओर से इको-फ्रेंडली पटाखों के इस्तेमाल की बात कही गई है। हालांकि, आतिशबाजी की वास्तविक मात्रा और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
देहरादून का दशहरा इस बार 181 फीट ऊंचे रावण, विशाल लंका, रिमोट से होने वाले दहन और बदले हुए प्रवेश मार्ग के कारण खास रहने वाला है। 20 अक्टूबर को परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आयोजन की भव्यता के साथ सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और पर्यावरण संबंधी सावधानियां भी अहम रहेंगी।


