बागेश्वर, उत्तराखंड | 16 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। कपकोट तहसील के दूरस्थ बदियाकोट गांव में स्थित मां भगवती मंदिर में भीषण आग लगने से मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है। लकड़ी से बने मंदिर में आग तेजी से फैल गई, जिससे इसकी पारंपरिक संरचना बुरी तरह प्रभावित हुई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय क्षेत्र में चिंता और दुख का माहौल बन गया। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
लकड़ी की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध था मां भगवती मंदिर
बदियाकोट गांव में स्थित मां भगवती मंदिर स्थानीय लोगों की गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। मंदिर की विशेष पहचान इसकी लकड़ी से बनी संरचना और उस पर की गई पारंपरिक नक्काशी थी। यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था।
नवरात्र के दौरान यहां बड़ी श्रद्धा के साथ मां भगवती की पूजा की जाती है। ऐसे पावन अवसर के बीच मंदिर में आग लगने की घटना से श्रद्धालु और ग्रामीण बेहद दुखी हैं। मंदिर को हुए नुकसान ने स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंचाई है।
आग लगने के कारणों पर स्थिति स्पष्ट नहीं
स्थानीय निवासी आन सिंह के अनुसार, मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से लकड़ी से किया गया था। लकड़ी की संरचना होने के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका है, जिससे मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा।
उन्होंने बताया कि मंदिर में बिजली की व्यवस्था भी थी और पूजा के दौरान दीपक जलाए जाते थे। ऐसे में शॉर्ट सर्किट या दीपक से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन संभावनाओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
कपकोट से करीब 50 किलोमीटर दूर है बदियाकोट गांव
बदियाकोट गांव कपकोट से लगभग 50 किलोमीटर दूर उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित सुविधाओं के चलते इस क्षेत्र में आग जैसी आपात घटनाओं से निपटना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर राहत और बचाव सुविधाएं पहुंचना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं में नुकसान को कम किया जा सके।
फिलहाल मंदिर को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन सामने नहीं आया है। आग लगने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कराए जाने की मांग उठाई है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने जताया दुख, जांच की मांग
कपकोट के पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू ने बदियाकोट के भगवती मंदिर में आग लगने की घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुबह मंदिर में आग लगने की दुखद सूचना मिली, लेकिन आग किस वजह से लगी, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
दानू ने शासन और प्रशासन से घटना की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मां भगवती के मंदिर में आग लगने की घटना से क्षेत्र के लोग व्यथित हैं। मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए घटना के कारणों का पता लगाना जरूरी है।
निष्कर्ष
बदियाकोट के मां भगवती मंदिर में लगी आग ने क्षेत्र की धार्मिक आस्था और पारंपरिक काष्ठकला से जुड़ी विरासत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं है और शॉर्ट सर्किट या दीपक से आग लगने की आशंका की जांच जरूरी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और मंदिर को हुए नुकसान का आकलन करने की मांग की है। अब सभी की नजरें जांच और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।


