स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 16 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित पारिवारिक विवाद और वायरल वीडियो प्रकरण को लेकर हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने देहरादून स्थित कृष्णा मेडिकल सेंटर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने को कहा है।
अस्पताल पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष, डॉक्टरों से ली स्वास्थ्य की जानकारी
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कृष्णा मेडिकल सेंटर पहुंचकर मंत्री रेखा आर्या से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
आयोग अध्यक्ष ने डॉ. गीता खन्ना सहित उपचार में जुटे चिकित्सकों से भी बातचीत की। उन्होंने डॉक्टरों से मंत्री के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उचित उपचार और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मंत्री से जुड़े वायरल प्रकरण के सामने आने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।
कथित घरेलू विवाद पर आयोग की नजर, पुलिस से मांगी जानकारी
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित कथित पारिवारिक विवाद तथा वीडियो प्रकरण को गंभीरता से लिया है। आयोग का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल से बातचीत कर प्रकरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज न किया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाए।
आयोग ने स्पष्ट किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही उचित वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के पद या प्रतिष्ठा के आधार पर कानून के पालन में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
‘महिला आम हो या खास, आयोग हर पीड़िता के साथ’
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिला चाहे सामान्य परिवार से हो या किसी महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हो, आयोग हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समाज में महिलाएं परिवार, बच्चों और रिश्तों को बचाने के लिए अनेक प्रयास करती हैं। लेकिन यदि किसी महिला को घरेलू हिंसा या मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो उसे चुप रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
कंडवाल के अनुसार, हर महिला को अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। आयोग ने मंत्री रेखा आर्या के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए मामले में न्याय सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
एसएसपी को त्वरित और निष्पक्ष जांच के निर्देश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला आयोग ने पुलिस प्रशासन से जांच में तेजी लाने और सभी संबंधित तथ्यों की बारीकी से पड़ताल करने को कहा है। आयोग के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों समेत मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता और दोष प्रमाणित होते हैं, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
महिला आयोग ने बताया कि वह इस मामले में पुलिस प्रशासन के लगातार संपर्क में है और जांच की प्रगति पर नजर रखे हुए है।
महिला सुरक्षा पर समझौता नहीं, कानून के अनुसार होगी कार्रवाई
राज्य महिला आयोग ने दोहराया कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना या महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में कानून के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए।
आयोग का कहना है कि इस प्रकरण में भी किसी तरह के दबाव या पक्षपात के बिना जांच होनी चाहिए। हालांकि, वायरल वीडियो और कथित पारिवारिक विवाद से जुड़े आरोपों की सत्यता जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष
मंत्री रेखा आर्या से जुड़े वायरल प्रकरण पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के स्वतः संज्ञान लेने के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल पहुंचकर मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली और एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


