देहरादून | 16 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। देहरादून स्थित जैन धर्मशाला में शुक्रवार को आयोजित आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की बैठक में प्रदेशभर से पहुंचीं कार्यकर्ताओं ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए 19 अक्टूबर से सभी ऑनलाइन कार्य बंद करने का ऐलान किया। उनका कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक यह विरोध जारी रहेगा।
15 दिन का अल्टीमेटम बीता, मांगों पर सुनवाई नहीं होने का आरोप
बैठक में मोर्चा पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं की लंबे समय से लंबित मांगों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्याओं से अवगत कराया गया था। ज्ञापन के माध्यम से सरकार को मांगों पर विचार करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाया गया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी मांगों की अनदेखी के चलते उनमें असंतोष बढ़ रहा है। बैठक में रेखा नेगी और सुशीला खत्री के नेतृत्व में ऑनलाइन कामकाज बंद करने का निर्णय लिया गया।
पोषण ट्रैकर और बीएलओ से जुड़े काम भी होंगे प्रभावित
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि 19 अक्टूबर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किसी भी प्रकार का ऑनलाइन कार्य नहीं करेंगी। इस निर्णय के दायरे में पोषण ट्रैकर और बीएलओ से संबंधित ऑनलाइन काम भी शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
मानदेय बढ़ाने की मांग, 2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी
बैठक में मानदेय बढ़ाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। रेखा नेगी ने कहा कि यदि सरकार अगले 10 दिनों के भीतर मानदेय बढ़ाने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लेती है, तो कार्यकर्ताओं को आंदोलन का अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर 2 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
जैन धर्मशाला में हुई बैठक में सुशीला खत्री, गीता चौहान, मधु पुंडीर, तनु लंबा और रीना देवी समेत संयुक्त मोर्चा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सभी ने लंबित मांगों को लेकर अपनी बात रखी और आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की।
निष्कर्ष
आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के इस फैसले से प्रदेश में आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़े ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो सकते हैं। अब देखना होगा कि सरकार कार्यकर्ताओं की मांगों पर क्या कदम उठाती है और 19 अक्टूबर से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार को रोकने के लिए कोई पहल करती है या नहीं। फिलहाल, कार्यकर्ताओं ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।


