दिनांक: 19 अक्टूबर 2026 | स्थान: पुलभट्टा, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड
उत्तराखंड में पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ऊधम सिंह नगर जिले के पुलभट्टा थाना क्षेत्र में खुद को राजस्थान पुलिस का दारोगा बताकर एक युवती को उत्तराखंड पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देने के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने युवती से नौकरी दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये लिए और भरोसा जीतने के लिए उसे फर्जी एडमिट कार्ड, जॉइनिंग लेटर, प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज और पुलिस की वर्दी तक दे दी।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से राजस्थान पुलिस का कथित फर्जी पहचान पत्र और उत्तराखंड पुलिस के नाम पर तैयार किए गए भर्ती संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान मोहम्मद जाहिद के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
मां की शिकायत से सामने आया फर्जी भर्ती का मामला
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को आशा देवी पत्नी सुखबीर सिंह, निवासी किशनपुर, थाना नानकमत्ता ने पुलभट्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी तुलसी राणा को उत्तराखंड पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर मोहम्मद जाहिद ने 40 हजार रुपये ले लिए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी खुद को राजस्थान पुलिस में दारोगा बताता था। इसी पहचान का इस्तेमाल कर उसने युवती और उसके परिवार को पुलिस में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि उसने युवती को उत्तराखंड पुलिस के नाम से तैयार किए गए भर्ती और प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज, एडमिट कार्ड, जॉइनिंग लेटर और एक जोड़ी पुलिस की वर्दी भी दी।
जब मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, तो अधिकारियों ने इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को दबोचा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से जानकारी मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए 18 अक्टूबर 2026 को मोहम्मद जाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद जाहिद पुत्र मोहम्मद इस्माइल है और उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के देवरनिया थाना क्षेत्र के शरीफ नगर का निवासी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद कीं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को पुलिस में भर्ती कराने का विश्वास दिलाने के लिए किया जा रहा था।
राजस्थान पुलिस की ID से लेकर उत्तराखंड पुलिस की वर्दी तक बरामद
पुलिस की कार्रवाई में निम्नलिखित सामान बरामद होने की जानकारी दी गई है:
राजस्थान पुलिस का कथित फर्जी पहचान पत्र।
उत्तराखंड पुलिस के नाम से तैयार किया गया एडमिट कार्ड।
कथित फर्जी जॉइनिंग लेटर।
उत्तराखंड पुलिस की एक जोड़ी वर्दी।
भर्ती और प्रशिक्षण से संबंधित अन्य दस्तावेज।
पुलिस अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें कहां तैयार किया गया और आरोपी ने इनका इस्तेमाल किन-किन लोगों को विश्वास में लेने के लिए किया।
अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बनाने की आशंका
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने इस मामले का दायरा बढ़ने की आशंका भी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आसपास के क्षेत्र से कुछ अन्य लोग भी शिकायत लेकर थाने पहुंच रहे हैं।
ऐसे में जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने अन्य युवाओं को भी पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर पैसे लिए थे। पुलिस आरोपी के संपर्कों, संभावित सहयोगियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के स्रोत का भी पता लगा रही है।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सिटी ने क्या बताया?
एसपी सिटी प्रमोद कुमार के अनुसार, शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से फर्जी पहचान पत्र, भर्ती संबंधी दस्तावेज तथा पुलिस की वर्दी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कथित फर्जी भर्ती दस्तावेज कहां से आए और आरोपी के साथ इस काम में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
निष्कर्ष
पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर सामने आया यह मामला युवाओं के लिए सतर्क रहने का संकेत है। नौकरी का झांसा देकर पैसे लेना और फर्जी पहचान पत्र या नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों के जरिए विश्वास जीतना गंभीर आरोप हैं। फिलहाल पुलिस ने मोहम्मद जाहिद को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कितने लोग प्रभावित हुए और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।


