स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 30 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर राष्ट्रीय सेविका समिति के पथ संचलन में शामिल महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने इसे प्रदेश की महिलाओं और मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
29 अक्टूबर को पोस्ट की गई थी विवादित टिप्पणी
दरअसल, 29 अक्टूबर को उत्तराखंड कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा की गई थी। आरोप है कि इस पोस्ट में राष्ट्रीय सेविका समिति के पथ संचलन में शामिल महिलाओं की तुलना बंदरों से की गई थी। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। बढ़ते विवाद और प्रतिक्रियाओं के बीच कांग्रेस ने संबंधित पोस्ट को हटा दिया।
हालांकि, पोस्ट हटाए जाने के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ और बीजेपी ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
बीजेपी ने कहा- प्रदेश की मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं
इस मामले में उत्तराखंड बीजेपी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह टिप्पणी उसकी महिलाओं के प्रति छोटी सोच को दर्शाती है। पथ संचलन में प्रदेश की कई महिला नेत्रियां भी शामिल थीं और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।
दीप्ति रावत ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर आज तक हर मोर्चे पर संघर्ष किया है। प्रदेश की वीरांगनाओं ने अपने साहस और शौर्य का परिचय दिया है। आंदोलन के दौरान महिलाओं ने लाठियां खाईं और कई तरह के अपमान सहे, लेकिन अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटीं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी वंदना कटारिया का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटियों और महिलाओं का सम्मान करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस से इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
कांग्रेस ने पोस्ट हटाकर जांच शुरू करने की कही बात
वहीं, बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस ने भी अपना पक्ष रखा है। कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि जैसे ही मामला पार्टी के संज्ञान में आया, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर संबंधित पोस्ट को तत्काल हटा दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।
कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए महिला सम्मान के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी की ओर से सवाल उठाया गया कि अंकिता भंडारी प्रकरण, हाथरस और मणिपुर जैसे मामलों में महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर बीजेपी नेताओं की आवाज क्यों नहीं सुनाई देती?
कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी एक सोशल मीडिया पोस्ट को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर महिला सुरक्षा से जुड़े वास्तविक सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
निष्कर्ष: सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी सियासी तल्खी
उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गई है। जहां बीजेपी इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस ने पोस्ट हटाने और जांच कराने की बात कही है। फिलहाल इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद कांग्रेस की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।


