स्थान: कालूवाला, ऋषिकेश, देहरादून (उत्तराखंड)
दिन: बुधवार रात
तारीख: 30 अक्टूबर 2026
ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र में एक फोन कॉल ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। कालूवाला इलाके में एक व्यक्ति की हत्या कर शव सौंग नदी में फेंके जाने की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। चौकी और थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी देर तक तलाश की, लेकिन जांच में हत्या की पूरी कहानी झूठी निकली।
दरअसल, पुलिस को गुमराह करने वाला कोई और नहीं, बल्कि खुद सूचना देने वाला व्यक्ति ही था। पूछताछ में उसने बताया कि पारिवारिक विवाद और पैसों के लेनदेन के चलते उसने गुस्से में आकर पुलिस को झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति का चालान काटते हुए भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने की चेतावनी दी।
112 पर फोन कर दी हत्या की सूचना
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे अर्जुन चौहान निवासी ग्राम निगासन, जिला लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) ने अपने जीजा के मोबाइल फोन से आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल किया। इसके साथ ही उसने जौलीग्रांट चौकी प्रभारी के मोबाइल नंबर पर भी सूचना दी।
अर्जुन ने पुलिस को बताया कि कालूवाला क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है और उसका शव सौंग नदी में फेंक दिया गया है।
हत्या और शव नदी में फेंके जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। चौकी और थाना पुलिस की टीमें तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंचीं और आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू कर दी।
जांच में सामने आई झूठी कहानी
पुलिस ने काफी देर तक मौके और आसपास के इलाकों में छानबीन की। इसके बाद पुलिस सूचना देने वाले व्यक्ति तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि अर्जुन चौहान एक श्रमिक है और इन दिनों धान की कटाई के काम के सिलसिले में कालूवाला आया हुआ था।
जब पुलिस ने उससे हत्या की घटना के संबंध में जानकारी मांगी तो उसने पूरी कहानी का खुलासा कर दिया। उसने स्वीकार किया कि क्षेत्र में किसी की हत्या नहीं हुई थी और शव को सौंग नदी में फेंके जाने की बात भी पूरी तरह झूठी थी।
20 हजार रुपये के विवाद में पुलिस को किया गुमराह
पूछताछ के दौरान अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसके भाई और भाभी उसके करीब 20 हजार रुपये लेकर चले गए हैं। इसी बात को लेकर वह नाराज था।
गुस्से में आकर उसने अपने जीजा के मोबाइल फोन से पुलिस को फोन किया और अपने ही भाई-भाभी पर उसकी हत्या करने की झूठी सूचना दे दी। इस तरह एक पारिवारिक विवाद के कारण पुलिस को अनावश्यक रूप से जांच और तलाश में जुटना पड़ा।
पुलिस ने काटा चालान, दी सख्त चेतावनी
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश गुसाईं ने बताया कि हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी, लेकिन जांच में सूचना पूरी तरह फर्जी पाई गई।
झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वाले व्यक्ति के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई है। साथ ही उसे भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने की चेतावनी भी दी गई।
निष्कर्ष: झूठी सूचना से पुलिस का समय हुआ बर्बाद
एक मामूली पारिवारिक और पैसों के विवाद को लेकर दी गई झूठी हत्या की सूचना ने पुलिस को घंटों तक परेशान रखा। जिस घटना को गंभीर अपराध समझकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, वह अंत में मनगढ़ंत कहानी निकली। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाओं पर गलत सूचना देना गंभीर लापरवाही है और ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


