4800 रुपये ग्रेड-पे तक के अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, छह महीने की सेवा पूरी करने वालों को भी मिलेगी पात्रता
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 2 नवंबर 2026
उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का शासनादेश जारी कर दिया है। केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुरूप जारी इस आदेश के तहत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 रुपये तक बोनस दिया जाएगा। इसका लाभ 4800 रुपये ग्रेड-पे तक के अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा।
वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। हालांकि, ऐसे कर्मचारी जो पहले से किसी अन्य उत्पादकता आधारित बोनस योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें इस व्यवस्था के तहत बोनस नहीं मिलेगा।
छह महीने की सेवा पूरी करना जरूरी
शासनादेश के मुताबिक बोनस का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को 31 मार्च 2026 तक कम से कम छह महीने की निरंतर सेवा पूरी करनी होगी। जिन कर्मचारियों ने पूरे वित्तीय वर्ष में लगातार सेवा दी है, उन्हें पूरा बोनस दिया जाएगा। वहीं, छह महीने से अधिक लेकिन एक साल से कम सेवा करने वाले कर्मचारियों को उनकी वास्तविक सेवा अवधि के अनुपात में बोनस मिलेगा।
कैजुअल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी निर्धारित सेवा अवधि और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने पर बोनस दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
इन कर्मचारियों को फिलहाल नहीं मिलेगा बोनस
सरकार ने बोनस भुगतान को लेकर कुछ शर्तें भी स्पष्ट की हैं। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उन्हें संबंधित मामले का अंतिम निर्णय आने तक बोनस का भुगतान नहीं किया जाएगा।
यदि जांच या मुकदमे में कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो वह बोनस का पात्र नहीं होगा। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दंडित किए गए कर्मचारियों को भी इस सुविधा से बाहर रखा गया है।
स्थानीय निकायों को अपने बजट से करना होगा भुगतान
शासनादेश में स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था की गई है। यदि संबंधित निकाय या विकास प्राधिकरण लाभ की स्थिति में है, तो वहां के पात्र कर्मचारियों को बोनस दिया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित निकाय की ही होगी। राज्य सरकार की ओर से इस मद में अलग से कोई अनुदान उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा त्योहार और आर्थिक जरूरतों में सहारा
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों पात्र कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकतम 7,000 रुपये तक का बोनस कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता साबित होगा। हालांकि, वास्तविक भुगतान कर्मचारी की सेवा अवधि और शासनादेश में निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर ही किया जाएगा।
निष्कर्ष: उत्तराखंड सरकार के इस आदेश से अराजपत्रित श्रेणी के पात्र कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अब संबंधित विभागों और संस्थानों की ओर से शासनादेश के अनुसार बोनस भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


