मोहकमपुर, लोअर नत्थनपुर और लोअर नेहरूग्राम के लोगों ने किया प्रदर्शन, वर्षों से अधूरी पड़ी समस्याओं पर उठाए सवाल
देहरादून | 11 मई 2026
देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे मोहकमपुर, लोअर नत्थनपुर और लोअर नेहरूग्राम क्षेत्र में सड़क, सर्विस लेन और जल निकासी की समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया।
जन कल्याण समिति मोहकमपुर के बैनर तले आयोजित “जनप्रतिनिधि जागरण कार्यक्रम” में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने हिस्सा लिया और खराब बुनियादी सुविधाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
फ्लाईओवर के नीचे जुटे लोग, निकाली शांतिपूर्ण रैली
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह मोहकमपुर फ्लाईओवर के नीचे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हुए। बैठक के बाद क्षेत्रवासियों ने शांतिपूर्ण रैली निकाली।
रैली डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ और देहरादून महापौर सौरभ थपलियाल के आवास तक पहुंची, जहां लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से लगातार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता दिखाई और न ही संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई की।
आठ साल बाद भी नहीं बनी सर्विस लेन
जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मोहकमपुर फ्लाईओवर का निर्माण हुए करीब आठ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक सर्विस लेन का डामरीकरण नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीवर और पेयजल लाइन डालने के बाद सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, धूल और बरसात में कीचड़ के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 हजार लोग गुजरते हैं, जिन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तीन साल से अधूरा पड़ा सीवर और पेयजल कार्य
क्षेत्रवासियों ने बताया कि मोहकमपुर मुख्य मार्ग पर पिछले तीन वर्षों से सीवर और पेयजल लाइन का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
अधूरे निर्माण कार्य के कारण सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बरसात के दौरान जलभराव और जल निकासी की समस्या से हालात और खराब हो जाते हैं।
लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देते रहे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ।
सेवानिवृत्त सैनिक और बुजुर्ग भी परेशान
समिति अध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सैनिक, शिक्षक और बुजुर्ग लोग रहते हैं, जिन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राजधानी देहरादून के मुख्य क्षेत्र में इस तरह की स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
समिति सचिव राजीव खनसली ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र से सटे इलाके की बदहाल स्थिति शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
कार्यक्रम संयोजक नरेंद्र गुसाईं ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता ने लोगों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी रहे मौजूद
जनप्रतिनिधि जागरण कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर डॉ. राकेश डंगवाल समेत कई सामाजिक संगठनों और कॉलोनी विकास समितियों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में नरेश चंद्र कुलाश्री, रमेश चंद्र खंडूरी, चंद्र शेखर चमोला, सुमेर सिंह नेगी, संजीव शर्मा खनसली, राम चंद्र सिंह रावत, भरत सिंह रावत, राजेश मधुकांत सिलोड़ी, दिनेश सिंह रावत, रमेश चंद्र खुगशाल, बलबीर सिंह नेगी, विजय गुप्ता, सिद्धार्थ सती, बी.डी. सती, अशोक कुकरेती, सुमित्रा देवी, आभा देवी, लाजवंती बिंजोला, शोभा भंडारी और बीना रावत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
निष्कर्ष
मोहकमपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, सर्विस लेन और जल निकासी की समस्याएं अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी हैं। वर्षों से अधूरे पड़े निर्माण कार्य और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो यह विरोध आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।


