देहरादून | 12 मई 2026
उत्तराखंड में उपनल कर्मचारियों के लिए सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। ‘समान पद-समान वेतन’ नीति के तहत लाभ देने के लिए निर्धारित कट-ऑफ डेट को वर्ष 2018 से बढ़ाकर 2024 तक किए जाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। यदि सरकार यह निर्णय लेती है तो हजारों अतिरिक्त उपनल कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट में उपनल कर्मचारियों से जुड़े मामले की सुनवाई के बाद सरकार ने इस विषय पर नई कवायद शुरू की है। अदालत में कर्मचारियों की ओर से यह मुद्दा उठाया गया था कि वर्ष 2018 के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारी लगातार दस वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था के कारण उन्हें समान वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रदेश में वर्तमान समय में 20 हजार से अधिक उपनल कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। ये कर्मचारी उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं और लंबे समय से नियमित कर्मचारियों की तरह समान वेतन और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे थे।
राज्य सरकार पहले ही समान पद पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन देने का निर्णय ले चुकी है। इसके लिए संशोधित शासनादेश भी जारी किया गया था। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि 12 नवंबर 2018 तक उपनल के माध्यम से लगातार दस वर्षों से कार्यरत कर्मचारी ही पहले चरण में इस योजना के पात्र होंगे।
सरकार की योजना के तहत एक जनवरी 2018 से पहले नियुक्त और वर्तमान में सेवा दे रहे कर्मचारियों को पहले लाभ दिया जाना था, जबकि अन्य कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से शामिल करने का प्रस्ताव था। हालांकि कट-ऑफ डेट को लेकर कर्मचारियों में लगातार असंतोष बना हुआ था।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया, जिसके बाद अब सैनिक कल्याण विभाग वित्तीय भार और विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या का आकलन कर रहा है। माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों की मांग और संभावित आर्थिक प्रभाव दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेगी।
यदि कट-ऑफ डेट को बढ़ाकर वर्ष 2024 कर दिया जाता है, तो हजारों अतिरिक्त उपनल कर्मियों को समान वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत ने भी संकेत दिए हैं कि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जा रहा है।
इधर, उपनल कर्मचारियों के विरोध के बाद सरकार नया संशोधित अनुबंध पत्र जारी करने की तैयारी में भी जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि नए अनुबंध पत्र में अर्द्धकुशल, कुशल और अधिकारी जैसी श्रेणियों को समाप्त किया जा सकता है।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी जिस पद पर कार्यरत होगा, उसे उसी पद के अनुरूप वेतन देने का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई पर रोक लगाने और अपील की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को सरकार नया संशोधित अनुबंध पत्र जारी कर सकती है, जिससे उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। लंबे समय से आंदोलन और मांग कर रहे कर्मचारियों की नजर अब सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार द्वारा उपनल कर्मचारियों के हित में किए जा रहे संभावित बदलाव प्रदेश के हजारों कर्मियों के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। कट-ऑफ डेट बढ़ने और नए अनुबंध पत्र के लागू होने से कर्मचारियों को आर्थिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी कब देती है और इसका लाभ कितने कर्मचारियों तक पहुंच पाता है।


