देहरादून, 18 मई 2026
महिला कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत चार नर्सिंग अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला कांग्रेस की गढ़वाल मंडल की नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान आशा मनोरमा डोबरियाल ने कहा कि नर्सिंग अभ्यर्थियों की आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और महिलाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे महिला कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित चारों नर्सिंग अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमे पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। यदि प्रशासन और सरकार ने इस मामले में सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो महिला कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी।
आशा मनोरमा डोबरियाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो महिला कांग्रेस एसएसपी कार्यालय का घेराव भी करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले अभ्यर्थियों पर मुकदमे दर्ज करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है।
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने संगठन विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस जल्द ही गढ़वाल मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी। वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर महिला कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे।
इस दौरान आशा डोबरियाल ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लोग बाघ, भालू, बंदर और जंगली सूअरों के आतंक से परेशान हैं। वन्यजीवों के हमलों के कारण किसानों की खेती बर्बाद हो रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है।
महिला कांग्रेस नेता ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा प्रबंधन को सुचारू रूप से संचालित करने में विफल साबित हुई है। पर्यटन सीजन के दौरान जगह-जगह जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है।
निष्कर्ष
ज्योति रौतेला और अन्य नर्सिंग अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर महिला कांग्रेस अब खुलकर आंदोलन की राह पर उतरती दिखाई दे रही है। पार्टी ने जहां मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया है, वहीं कानून व्यवस्था, महंगाई और चारधाम यात्रा जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक गरमा सकता है।


