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भाजपा से इस्तीफे के बाद रामशरण नौटियाल का बड़ा बयान, बोले- मंचों पर हुआ अपमान, संगठन में चल रहा ‘वन मैन शो’

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 1 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा नेता रामशरण नौटियाल के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। चकराता विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रामशरण नौटियाल ने पार्टी छोड़ने के बाद संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर अपमानित किए जाने और संगठन में अनुशासन की कमी को इस्तीफे की प्रमुख वजह बताया।

बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान नौटियाल ने साफ कहा कि भाजपा संगठन में इस समय ‘वन मैन शो’ जैसी स्थिति बनी हुई है। उनका कहना था कि किसी भी समर्पित कार्यकर्ता के लिए सम्मान और आत्मसम्मान सबसे अहम होता है, लेकिन जब लगातार उसकी अनदेखी हो तो साथ बने रहना मुश्किल हो जाता है।

इस्तीफे की जानकारी पर भी दी सफाई

रामशरण नौटियाल के इस्तीफे के बाद प्रदेश नेतृत्व की ओर से इसकी जानकारी नहीं होने की बात सामने आई थी। इस पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं कार्यालय जाकर इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि अपने स्टेनो के माध्यम से त्यागपत्र पार्टी कार्यालय भिजवाया था।

उन्होंने कहा कि किसी तरह का भ्रम न रहे, इसके लिए बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भी अपना आधिकारिक इस्तीफा भेज दिया गया।

बोले- सार्वजनिक मंचों पर किया गया अपमान

भाजपा छोड़ने के कारणों पर खुलकर बात करते हुए नौटियाल ने कहा कि राजनीति में उनके लिए पद या निजी लाभ से अधिक कार्यकर्ता का सम्मान मायने रखता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कई वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं से उन्हें स्नेह और सहयोग मिला, लेकिन कुछ अवसरों पर सार्वजनिक मंचों पर उनका अपमान किया गया।

नौटियाल ने कहा कि वह ठेके-पट्टे या किसी व्यक्तिगत फायदे के उद्देश्य से राजनीति में नहीं आए थे। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने क्षेत्र की समस्याओं, जनता की जरूरतों और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी।

संगठन की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर उठाए सवाल

रामशरण नौटियाल ने कहा कि वह भाजपा में इस विश्वास के साथ शामिल हुए थे कि पार्टी में अनुशासन और संगठनात्मक व्यवस्था मजबूत है, लेकिन उनके अनुभव इसके विपरीत रहे।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वानों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व के संदेशों को गंभीरता से लिया। इसके बावजूद संगठन के भीतर कुछ लोगों के व्यवहार से उन्हें निराशा हुई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेता एक ओर टिकट की मांग करते हैं, वहीं दूसरी ओर निजी बातचीत में यह कहते हैं कि उनका केवल इस्तेमाल किया जा रहा है।

नौटियाल ने पार्टी के भीतर अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले एक मंत्री के खिलाफ कथित आंतरिक विरोध और सार्वजनिक बयानबाजी का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, इस तरह की गतिविधियां संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े करती हैं।

कांग्रेस या यूकेडी में जाने की अटकलों पर क्या बोले?

भाजपा से इस्तीफे के बाद रामशरण नौटियाल के कांग्रेस या उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल होने की चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं। हालांकि, उन्होंने फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने की संभावना पर कोई घोषणा नहीं की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी उन्होंने केवल भाजपा की सदस्यता छोड़ी है और किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।

नौटियाल ने कहा कि वह एक स्वतंत्र व्यक्ति हैं और राजनीति में निजी स्वार्थ पूरा करने के लिए नहीं आए थे। भविष्य में किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ना है, इसका फैसला वह सोच-विचार के बाद ही करेंगे।

उत्तराखंड भाजपा में इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

रामशरण नौटियाल का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। चकराता क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका और संगठन के भीतर उठाए गए सवालों के बाद इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।

हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल नौटियाल ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

निष्कर्ष: रामशरण नौटियाल के इस्तीफे ने भाजपा के संगठनात्मक कामकाज और आपसी समन्वय को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपने फैसले के पीछे सम्मान की अनदेखी और अनुशासनहीनता को वजह बताया है। अब उनके अगले राजनीतिक कदम और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें रहेंगी।

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