स्थान: देहरादून, उत्तराखंड | दिनांक: 13 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के एक प्रतिष्ठित क्लब के रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की गंभीर खामियां मिलीं। रसोई और स्टोर रूम में चूहे व कॉकरोच पाए गए, जबकि फ्रीजर में सड़ी-गली सब्जियां, कई दिन पुरानी खाद्य सामग्री और बदहाल स्वच्छता व्यवस्था भी सामने आई। स्थिति को देखते हुए संबंधित रेस्टोरेंट को तत्काल बंद करा दिया गया है।
रसोई से लेकर स्टोर रूम तक मिलीं गंभीर खामियां
जानकारी के मुताबिक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के दिशा-निर्देश पर सचिव सीमा डुंगराकोटी तथा खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान रसोईघर, फ्रीजर, खाद्य सामग्री रखने के स्थान, बर्तन धोने वाले क्षेत्र और स्टोर रूम की स्थिति बेहद खराब मिली। फ्रीजर में फूलगोभी, मूली, शिमला मिर्च, पत्तागोभी और आलू समेत कई सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में रखी थीं। इसके अलावा करीब एक सप्ताह पुरानी मोमोज बनाने की सामग्री भी मिली।
रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता से जुड़े नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की।
मसालों की अलमारी में कॉकरोच, सामान को कुतर रहे थे चूहे
निरीक्षण के दौरान रसोईघर और मसाले रखने वाली अलमारी में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी मिली। कई मसालों की थैलियां चूहों ने कुतर रखी थीं। इससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका भी सामने आई।
टीम को करीब दो दिन पुराने पके चावल, दो से तीन दिन पहले गूंथा गया आटा और दो से तीन दिन पुरानी अन्य सामग्री के साथ लगभग एक सप्ताह पुरानी मोमोज व चाउमीन बनाने की सामग्री भी मिली। कई खाद्य पदार्थ खुले बर्तनों में रखे हुए थे।
बर्तन धोने वाले स्थान पर तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन और जमा कचरा पाया गया। वहीं, नालियां जाम थीं और ड्रेनेज सिस्टम भी खराब हालत में मिला। इन परिस्थितियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से गंभीर माना गया।
पनीर, दूध और चिकन करी के नमूने जांच के लिए भेजे
संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट से पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान लगभग पांच किलोग्राम बासी चावल, 15 किलोग्राम सब्जियां, दो किलोग्राम मोमोज और बासी चिकन करी को मौके पर ही नष्ट कराया गया, ताकि इनका इस्तेमाल भोजन तैयार करने में न हो सके।
इसके अतिरिक्त, रेस्टोरेंट प्रबंधन कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस के रिकॉर्ड, पेस्ट कंट्रोल कराने के प्रमाण और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की गुणवत्ता से संबंधित जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं करा सका।
संचालक को 14 दिन का नोटिस, दोबारा होगा निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा मानकों में मिली कमियों को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालक को 14 दिन का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। साथ ही रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
संचालक को परिसर की पूरी सफाई कराने, खराब खाद्य सामग्री हटाने, पेस्ट कंट्रोल कराने, जाम नालियों और ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने तथा पानी की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे।
निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद विभाग की टीम दोबारा निरीक्षण करेगी। यदि कमियां दूर नहीं की गईं, तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित करने समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रतिष्ठित क्लब में लापरवाही पर अधिकारियों ने जताई चिंता
इस मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि संबंधित क्लब में वीवीआईपी और कई गणमान्य अतिथियों का आना-जाना रहता है। ऐसे प्रतिष्ठान में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
देहरादून के प्रतिष्ठित क्लब के रेस्टोरेंट में निरीक्षण के दौरान मिली गंदगी और बासी खाद्य सामग्री ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट और दोबारा होने वाले निरीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि किसी भी रेस्टोरेंट में भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।



