स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
दिनांक: 12 अक्टूबर 2026
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बंद पड़े एक बॉयज हॉस्टल में चोरी की ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने लोगों को बॉलीवुड फिल्म ‘ओए लकी! लकी ओए!’ की याद दिला दी। चोरों ने हॉस्टल से लाखों रुपये का सामान गायब कर दिया और दिनदहाड़े गाड़ियों में सामान भरकर ले जाते रहे। हैरानी की बात यह रही कि जब आसपास के लोगों ने उनसे सवाल किए, तो आरोपियों ने खुद को हॉस्टल का नया मालिक बताकर शक दूर करने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर फर्जी खरीद-फरोख्त का एग्रीमेंट भी दिखाया।
मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधौली स्थित दुआ बॉयज हॉस्टल का है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से चोरी के चार लकड़ी के बेड और दो लोहे की अलमारियां बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य आरोपी नशे का आदी है और कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश भी जारी है।
बंद हॉस्टल को बनाया निशाना, चार दिन तक चलता रहा सामान गायब करने का खेल
पुलिस के मुताबिक, बिधौली क्षेत्र में अधिवक्ता रजत दुआ का करीब 30 कमरों वाला हॉस्टल लंबे समय से बंद पड़ा था। घटना के दौरान हॉस्टल का केयरटेकर भी छुट्टी पर था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपियों ने 4 से 7 अक्टूबर के बीच चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों ने हॉस्टल में घुसकर सामान निकालना शुरू किया और उसे गाड़ियों के जरिए बाहर ले जाने लगे। दिनदहाड़े सामान ढोए जाने के बावजूद उन्होंने आसपास के लोगों को संदेह नहीं होने दिया। जब स्थानीय लोगों ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने खुद को हॉस्टल का नया मालिक बताया। इतना ही नहीं, अपने दावे को सही साबित करने के लिए कथित तौर पर खरीद-फरोख्त का फर्जी एग्रीमेंट भी दिखाया।
इस तरीके से आरोपियों ने लोगों के शक को दूर करने की कोशिश की और हॉस्टल से सामान निकालते रहे।
70 बेड, 35 अलमारियां और 32 गीजर समेत काफी सामान गायब
जब हॉस्टल संचालक रजत दुआ वहां पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। हॉस्टल से बड़ी मात्रा में सामान गायब था। शिकायत के मुताबिक, चोरों ने वहां रखे बेड, अलमारियां और अन्य जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि इमारत में लगे कई उपकरण और फिटिंग भी निकाल ली थीं।
चोरी हुए सामान में शामिल हैं:
- 70 बेड
- 35 अलमारियां
- 32 गीजर
- दो डीप फ्रीजर
- छह गैस सिलेंडर
- 20 दरवाजे
- खिड़कियों के चैनल
- बाथरूम की टोटियां और शावर
इसके अलावा हॉस्टल में रखे जिम के सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में सामान गायब होने के बाद हॉस्टल संचालक ने पुलिस से शिकायत की।
CCTV फुटेज और मुखबिर की सूचना से पुलिस को मिला सुराग
हॉस्टल संचालक रजत दुआ ने 11 अक्टूबर को प्रेमनगर थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की और एक विशेष टीम गठित की।
पुलिस ने घटनास्थल के साथ-साथ आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने 11 अक्टूबर को कांसवाली रोड के तल्ली कंडोली-बिधौली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान चार आरोपियों को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य शर्मा उर्फ रिंकू, जोगेंद्र कुमार, सचिन कुमार और असलम के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के चार लकड़ी के बेड और दो लोहे की अलमारियां बरामद की हैं।
कर्ज चुकाने के लिए बनाई चोरी की योजना
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी आदित्य शर्मा ने कथित तौर पर बताया कि वह नशे का आदी है और उस पर कई लोगों का कर्ज था। कर्ज चुकाने और जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने बंद पड़े दुआ बॉयज हॉस्टल को निशाना बनाने की योजना बनाई।
आरोपी ने पहले हॉस्टल की रेकी की। वहां रखे बेड, अलमारियां, गीजर, जिम का सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को देखकर उसने चोरी की योजना तैयार की। इसके बाद उसने अपने साथियों जोगेंद्र और सचिन को भी इसमें शामिल कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हॉस्टल का ताला तोड़कर सामान चोरी किया। इसके बाद बेड और अलमारियां असलम नाम के कबाड़ी को बेच दी गईं। अन्य चोरी का सामान एक दूसरे कबाड़ी के पास ले जाने की बात भी सामने आई है।
आरोपी बाकी सामान को बेचने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने इससे पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
एक और आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
प्रेमनगर थाना पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी का नाम भी सामने आया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब चोरी हुए बाकी सामान की बरामदगी और पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
थाना प्रभारी गिरीश नेगी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है और उनके कब्जे से चोरी का कुछ सामान बरामद हुआ है। मामले में सामने आए अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
निष्कर्ष
देहरादून के बिधौली में हुई यह चोरी इसलिए भी चौंकाने वाली है, क्योंकि आरोपियों ने बंद हॉस्टल से भारी मात्रा में सामान निकालने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और नए मालिक होने के दावे का सहारा लिया। शुरुआती जांच में कर्ज और नशे की लत को मुख्य आरोपी की योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि चोरी हुआ पूरा सामान बरामद होना बाकी है और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस वारदात में और कौन शामिल था तथा चोरी किए गए शेष सामान को कहां बेचा गया।


