स्थान: देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
तिथि: 4 अक्टूबर 2026
देवप्रयाग के पवित्र संगम तट पर रविवार को एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। भागीरथी और अलकनंदा के संगम पर स्नान के दौरान झारखंड से आए दो 24 वर्षीय युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। हादसे के बाद संगम तट पर मौजूद श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि दोनों युवक स्नान करते समय सुरक्षा के लिए लगाई गई रस्सियों और चेतावनी घेरे को पार कर आगे चले गए थे। इसी दौरान एक युवक अचानक गहरे और तेज बहाव वाले पानी में बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में उसका साथी भी नदी की धारा में उतर गया और देखते ही देखते दोनों तेज बहाव में बह गए।
दोस्त को बचाने की कोशिश पड़ी भारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्नान के दौरान पहले एक युवक का संतुलन बिगड़ा और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे डूबता देखकर उसके साथी ने उसे बचाने की कोशिश की।
कुछ समय तक दोनों युवक पानी में संघर्ष करते दिखाई दिए। संगम की तेज धारा उन्हें लगातार अपने साथ बहाती चली गई और कुछ ही पलों बाद दोनों आंखों से ओझल हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और जल पुलिस को दी।
सुरक्षा घेरा पार कर गए थे दोनों युवक
कोतवाली प्रभारी प्रशांत बहुगुणा के अनुसार, बोकारो के सेक्टर-9 स्टील सिटी निवासी आशुतोष, पुत्र अजय, और आयुष, पुत्र गोपाल, अपने तीर्थयात्री दल के साथ देवप्रयाग पहुंचे थे।
दोपहर के समय दोनों युवक संगम तट पर स्नान कर रहे थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी के किनारे रस्सियां और चेतावनी घेरा लगाया गया था, लेकिन दोनों युवक उसे पार कर आगे चले गए।
जल पुलिस के जवानों ने उन्हें कई बार वापस लौटने की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद दोनों युवकों ने चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और कुछ देर बाद तेज बहाव की चपेट में आ गए।
तीन दिन में तीन युवकों की मौत से बढ़ी चिंता
देवप्रयाग संगम तट पर लगातार सामने आ रहे हादसों ने स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। बताया गया है कि बीते तीन दिनों के भीतर संगम क्षेत्र में तीन नौजवानों के डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
संगम पर भागीरथी और अलकनंदा की धाराएं मिलने के बाद पानी का बहाव कई स्थानों पर बेहद तेज हो जाता है। ऐसे में सुरक्षा घेरा पार कर नदी में आगे जाना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।
प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लापरवाही बनी चुनौती
प्रशासन और जल पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं को लगातार सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने और चेतावनी क्षेत्रों को पार नहीं करने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद कई लोग उत्साह या लापरवाही में प्रतिबंधित और गहरे हिस्सों की ओर चले जाते हैं।
रविवार को हुई घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी नदी की परिस्थितियों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
निष्कर्ष
देवप्रयाग संगम पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर नदी में स्नान के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। एक युवक को बचाने की कोशिश में दूसरा युवक भी तेज धारा में बह गया। दोनों युवकों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव प्रयास जारी हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सुरक्षा घेरे और चेतावनी संकेतों का पालन करें तथा किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाले क्षेत्र में जाने का जोखिम न उठाएं।


