स्थान: रामनगर, नैनीताल, उत्तराखंड
दिनांक: 6 सितंबर 2026
जन्माष्टमी के अवसर पर रामनगर में लगाई गई ‘लव जिहाद’ से संबंधित झांकी को लेकर अब राजनीतिक विवाद गहरा गया है। झांकी लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता राजू रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देर रात बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता रामनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया।
मुकदमे की जानकारी मिलते ही कोतवाली पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता
राजू रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। नगर मंडल और ग्रामीण मंडल के पदाधिकारियों के साथ पूर्व पदाधिकारी, किसान आयोग के सदस्य और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री भी कोतवाली पहुंचे।
प्रदर्शन में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, किसान आयोग सदस्य संजय डोर्वी, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्ट और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मेहरा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और मुकदमा दर्ज किए जाने का विरोध किया।
भाजपा ने पूछा, झांकी हटाने के बाद मुकदमे की जरूरत क्यों पड़ी
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन की ओर से झांकी हटाने के लिए कहे जाने के बाद कार्यकर्ता राजू रावत ने तत्काल प्रशासन के निर्देश का पालन किया था। पार्टी नेताओं के मुताबिक, करीब 15 मिनट के भीतर झांकी और संबंधित स्टॉल हटा दिया गया था।
भाजपा कार्यकर्ताओं का सवाल है कि जब प्रशासन के निर्देश पर झांकी हटा दी गई थी तो मामले को वहीं समाप्त किया जा सकता था। इसके बावजूद बाद में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई क्यों की गई, इसे लेकर उन्होंने पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है।
‘पार्टी कार्यकर्ता के साथ खड़ी है भाजपा’
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर राजू रावत ने झांकी लगाई थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जब इसे हटाने के लिए कहा तो कार्यकर्ता ने प्रशासन के निर्देश का सम्मान करते हुए झांकी हटा दी।
भूपेंद्र खाती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि झांकी में कोई आपत्तिजनक सामग्री थी तो प्रशासन उसे हटवा सकता था और ऐसा किया भी गया। ऐसे में मुकदमा दर्ज किए जाने के फैसले पर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।
भाजपा महामंत्री ने भी पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
भाजपा नगर महामंत्री नवीन करगेती ने भी मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जब झांकी की जानकारी मिली थी, तब राजू रावत को फोन किया गया था। इसके बाद उन्होंने बिना किसी विवाद के अपनी झांकी और स्टॉल हटा दिया।
उन्होंने सवाल किया कि जब संबंधित सामग्री पहले ही हटा दी गई थी तो रात में मुकदमा दर्ज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। भाजपा महामंत्री ने पूरे मामले की जांच किए जाने की मांग की है।
भाजपा नेताओं ने लव जिहाद के मुद्दे को लेकर भी उठाए सवाल
भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार के नेता सार्वजनिक मंचों से लव जिहाद जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं, तो इसी विषय पर एक पार्टी कार्यकर्ता द्वारा झांकी लगाए जाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों की गई।
भाजपा नेताओं का तर्क है कि प्रशासन की आपत्ति के बाद झांकी को तत्काल हटा दिया गया था। ऐसे में मुकदमा दर्ज करने के फैसले ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
पूरे मामले में पुलिस की ओर से मुकदमे की धाराओं, शिकायत के आधार और कार्रवाई के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राजू रावत के खिलाफ किन आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और मामले में कौन-कौन से कानूनी प्रावधान लगाए गए हैं।
फिलहाल भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद रामनगर में यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
निष्कर्ष
रामनगर में जन्माष्टमी के दौरान लगाई गई लव जिहाद संबंधी झांकी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कोतवाली में विरोध दर्ज कराया है। भाजपा का कहना है कि प्रशासन के निर्देश पर झांकी पहले ही हटा दी गई थी, जबकि मुकदमा दर्ज किए जाने के कारणों को लेकर पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। अब मामले की आगे की जांच और पुलिस की आधिकारिक जानकारी से ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


