दिनांक: 18 सितंबर 2026
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (इंफ्लुएंजा एच1एन1) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की सक्रियता के बावजूद संक्रमण की रफ्तार कम होती नजर नहीं आ रही है। अगस्त की तुलना में सितंबर में मामलों में अचानक तेज उछाल आया है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सितंबर के शुरुआती 17 दिनों में ही 452 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।
बृहस्पतिवार को प्रदेश में 24 घंटे के दौरान 24 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। एक सितंबर से अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन संक्रमित मिलने का औसत करीब 32 मरीज है। यानी सितंबर में संक्रमण की रफ्तार लगातार बनी हुई है और हर घंटे औसतन एक से अधिक मरीज संक्रमित मिल रहे हैं।
अगस्त में 105, सितंबर में अब तक 452 मामले
प्रदेश में अगस्त से अब तक कुल 557 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण से पांच लोगों की मौत भी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से दो मौतों का कारण सिर्फ स्वाइन फ्लू बताया था।
आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे अगस्त महीने में स्वाइन फ्लू के केवल 105 मामले सामने आए थे, जबकि सितंबर के महज 17 दिनों में ही 452 मरीज संक्रमित पाए गए। संक्रमण के मामलों में इतनी तेजी से हुई बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच संक्रमण की चेन को तोड़ना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। स्थिति पर नजर रखने और संक्रमित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई के लिए कई रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय किया गया है।
को-मॉर्बिड मरीजों पर विशेष निगरानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार अब तक सामने आए स्वाइन फ्लू के मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो पहले से किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। अस्पताल में भर्ती होने के बाद इन मरीजों की जांच कराई गई, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
ऐसे मरीजों को स्वास्थ्य विभाग अधिक संवेदनशील मानते हुए उनकी विशेष निगरानी कर रहा है। अस्पतालों में उनकी नियमित जांच और चिकित्सकीय निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डेंगू और कोरोना ने भी बढ़ाई चिंता
प्रदेश में इस समय सिर्फ स्वाइन फ्लू ही स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती नहीं है। डेंगू और कोरोना के मामले भी सामने आ रहे हैं। एक दिन में डेंगू के चार नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद प्रदेश में डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 184 हो गई है।
वहीं कोरोना संक्रमण का एक नया मामला सामने आने के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन संक्रमणों को देखते हुए स्क्रीनिंग बढ़ा दी है।
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा का कहना है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है।
सितंबर में स्वाइन फ्लू के मामले
| तारीख | नए मामले |
|---|---|
| 1 सितंबर | 27 |
| 2 सितंबर | 49 |
| 3 सितंबर | 32 |
| 4 सितंबर | 58 |
| 5 सितंबर | 29 |
| 6 सितंबर | 28 |
| 7 सितंबर | 8 |
| 8 सितंबर | 22 |
| 9 सितंबर | 25 |
| 10 सितंबर | 25 |
| 11 सितंबर | 24 |
| 12 सितंबर | 21 |
| 13 सितंबर | 31 |
| 14 सितंबर | 0 |
| 15 सितंबर | 22 |
| 16 सितंबर | 27 |
| 17 सितंबर | 24 |
आंकड़ों से साफ है कि सितंबर में कई दिनों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। चार सितंबर को एक दिन में सबसे अधिक 58 मामले सामने आए, जबकि दो सितंबर को 49 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई।
अस्पतालों में तैयारियां पूरी रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमित मरीजों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग बढ़ाने के साथ जिलों में निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय किया गया है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को जरूरत के अनुसार फील्ड में भेजा जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों की रोकथाम के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। अस्पतालों में तैयारियां पूरी की गई हैं और स्क्रीनिंग बढ़ाई गई है। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष: उत्तराखंड में सितंबर के दौरान स्वाइन फ्लू के मामलों में आई तेजी ने स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ा दी है। अगस्त के मुकाबले सितंबर में संक्रमित मरीजों की संख्या में बड़ा उछाल दर्ज हुआ है। विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था सक्रिय है, जबकि को-मॉर्बिड मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में संक्रमण की रफ्तार को नियंत्रित करना स्वास्थ्य विभाग के लिए अहम चुनौती होगी।


