स्थान: हल्द्वानी / स्वराज आश्रम
जनपद: नैनीताल
तारीख: 27 अप्रैल 2026
उत्तराखंड की राजनीति में हलचल बढ़ाने वाला बयान देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी के कई नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे नेताओं की एक सूची पार्टी हाईकमान को सौंप दी गई है और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
हल्द्वानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस, भाजपा सरकार पर निशाना
हल्द्वानी के स्वराज आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गणेश गोदियाल ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं है और केवल सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
गोदियाल के अनुसार, महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक भागीदारी देना होना चाहिए, न कि केवल औपचारिक संशोधन करके इसे सीमित कर देना।
2027 चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी विधानसभा सत्र में महिला आरक्षण को लेकर प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में 70 सीटों पर कम से कम 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाएंगे और यदि सरकार कोई निंदा प्रस्ताव लाती है, तो उसका भी विरोध किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर भी उठाए सवाल
गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें विपक्ष पर अनावश्यक आरोप लगाए जाते हैं, जबकि सरकार जमीनी मुद्दों पर जवाब देने से बचती है।
भाजपा नेताओं के संपर्क में होने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कई नेता पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं। उन्होंने बताया कि 18 नेताओं की सूची हाईकमान को भेजी गई है, जिनमें से 6 को पहले ही पार्टी में शामिल किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूची में कोई वर्तमान विधायक शामिल नहीं है, लेकिन कई वर्तमान विधायक भी लगातार संपर्क में हैं और भविष्य में राजनीतिक स्थिति बदल सकती है।
जनता से अपील
गणेश गोदियाल ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीतिक दलों के दावों और नीतियों को ध्यान से परखें और सोच-समझकर निर्णय लें। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जनता वर्तमान सरकार की नीतियों से परेशान है और बदलाव चाहती है।
निष्कर्ष
हल्द्वानी में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा नेताओं के कांग्रेस के संपर्क में होने का दावा और महिला आरक्षण को लेकर उठाए गए सवाल आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा सकते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि इन दावों का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है और क्या वास्तव में राजनीतिक समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव सामने आता है।


