स्थान: प्रेमनगर, देहरादून (उत्तराखंड)
तारीख: 16 अप्रैल 2026
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र स्थित लक्ष्मीपुर गांव में संपत्ति विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव और मारपीट में बदल गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस के अनुसार, 16 अप्रैल को लक्ष्मीपुर आरटीओ कार्यालय के सामने दो गुटों के बीच जमीन को लेकर विवाद की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची थाना प्रेमनगर पुलिस ने देखा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करने पर उतारू थे और स्थिति तेजी से बिगड़ रही थी। समझाने के बावजूद दोनों पक्ष शांत नहीं हुए और हिंसक झड़प जारी रही।
घटना के दौरान एक पक्ष के लोगों ने उग्र होकर घर पर पथराव शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग पत्थर फेंकते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है।
स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को बीएनएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
पीड़ित पक्ष की एक महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद भी अन्य युवक उनके घर पर लगातार पथराव करते रहे। इस आरोप के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
थाना प्रभारी प्रेमनगर नरेश राठौर ने बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ है, वह गोल्डन फॉरेस्ट की भूमि है और इसकी रजिस्ट्री दोनों पक्षों के नाम पर दर्ज है। जानकारी के अनुसार, एक पक्ष ने यह जमीन दिल्ली के कुछ लोगों को बेच दी थी और 16 अप्रैल को कब्जा दिलाने के लिए लोग मौके पर पहुंचे थे। साथ ही इस जमीन का नगर निगम में दाखिल-खारिज भी नहीं हुआ है।
सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने स्वयं वादी बनकर दोनों पक्षों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें धारा 115(2), 191(2), 351(2) और 352 बीएनएस शामिल हैं। मामले की जांच जारी है और विवादित भूमि को लेकर अलग से रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की सतर्कता के चलते क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
निष्कर्ष:
यह घटना दर्शाती है कि संपत्ति विवाद किस तरह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। प्रशासन के लिए आवश्यक है कि ऐसे मामलों का समय रहते समाधान किया जाए और अवैध कब्जों व दोहरी रजिस्ट्री जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की हिंसक घटनाओं को रोका जा सके।


