स्थान: पिथौरागढ़, उत्तराखंड
तारीख: 4 मई 2026
उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक ओर सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, तो वहीं दूसरी घटना में शटडाउन लेने के बावजूद बिजली लाइन में करंट आने से एक लाइनमैन की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जाखनी के पास भीषण टक्कर, स्कूटी सवार की मौत
पिथौरागढ़-वड्डा मोटर मार्ग पर जाखनी के समीप बाइक और स्कूटी के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार प्रदीप अरोड़ा (30), निवासी ऐंचोली गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन जब उन्हें इलाज के लिए ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद परिजन शव को वापस पिथौरागढ़ लेकर आए। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया है। मृतक अपने पीछे पत्नी और 9 व 5 वर्ष के दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
शटडाउन के बावजूद लाइन में दौड़ा करंट, लाइनमैन की मौके पर मौत
दूसरी दुखद घटना जिला मुख्यालय के निकट बडारी गांव में सामने आई, जहां बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से एक लाइनमैन की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुंदर सिंह सौन (55), पुत्र चंचल सिंह, निवासी बडारी के रूप में हुई है, जो ऊर्जा निगम में ठेकेदार के अधीन कार्यरत थे।
बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर सुंदर सिंह गांव की खराब बिजली लाइन को ठीक करने के लिए पोल पर चढ़े थे। उन्होंने कार्य शुरू करने से पहले कंट्रोल रूम से शटडाउन भी लिया था। लेकिन इसी दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया और वह पोल से नीचे गिर पड़े।
गंभीर रूप से घायल अवस्था में परिजन और ग्रामीण उन्हें जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में गहरा आक्रोश देखा गया।
जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जब लाइनमैन ने शटडाउन की पुष्टि के बाद ही कार्य शुरू किया, तो फिर लाइन में करंट कैसे आया, यह गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता नितिन सिंह गर्खाल जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मामले की दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी। विभागीय जांच के साथ-साथ विद्युत सुरक्षा विभाग के इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर द्वारा भी जांच की जाएगी, जिसके बाद ही घटना के कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक सुंदर सिंह सौन अपने पीछे दो बेटे और एक विवाहित बेटी छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा चालक है, जबकि छोटा बेटा बेरोजगार है। इस हादसे के बाद परिवार गहरे सदमे में है।
गौरतलब है कि बेरीनाग क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में करंट लगने से दो लाइनमैनों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। बावजूद इसके ऐसी घटनाओं का दोहराया जाना कई सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष
पिथौरागढ़ में एक ही दिन हुई इन दो घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां सड़क हादसा सावधानी और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को रेखांकित करता है, वहीं शटडाउन के बावजूद करंट से हुई मौत बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


