स्थान: देहरादून, उत्तराखंड | तिथि: 14 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के दौरान राजधानी देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसियों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहे थे कांग्रेसी
देहरादून में कांग्रेस नेता जौलीग्रांट एयरपोर्ट की ओर कूच कर रहे थे। उनका कहना था कि वे प्रधानमंत्री से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया।
कई जगहों पर प्रदर्शन, पुलिस ने लिया हिरासत में
शहर के अलग-अलग इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने पर कई लोगों को हिरासत में लेकर धारा चौकी में बैठाया गया। प्रधानमंत्री के दिल्ली लौटने के बाद ही सभी को रिहा किया गया।
महिला कांग्रेस का धरना, धक्का-मुक्की की स्थिति
प्रदेश कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कारगी-आईएसबीटी रोड पर प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाए जाने से नाराज महिला कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने ज्योति रौतेला समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
कांग्रेस ने उठाए कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है और महिला सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है और सीबीआई जांच में देरी से जनता में आक्रोश है।
डोईवाला में भी रोका गया प्रदर्शन
डोईवाला क्षेत्र में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर प्रधानमंत्री से मिलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री के दौरे के बीच हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक ओर सरकार विकास परियोजनाओं को लेकर सक्रिय नजर आई, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।


