स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 31 अगस्त 2026
उत्तराखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विदेशों में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं और वहां की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को विशेष कौशल प्रशिक्षण के साथ आवश्यक विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग का आकलन कर युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री आवास में भारतीय राजनयिकों ने की मुलाकात
मुख्यमंत्री आवास में जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।
बैठक के दौरान संबंधित देशों में रोजगार की संभावनाओं, वहां कुशल मानव संसाधनों की आवश्यकता और उत्तराखंड के युवाओं के लिए उपलब्ध संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने भारतीय मिशनों के अनुभव और जानकारी को राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने में उपयोग करने पर विशेष जोर दिया।
भारतीय मिशनों के साथ नियमित समन्वय रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि जिन देशों में कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन की अधिक मांग है तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं, उनकी लगातार जानकारी जुटाई जानी चाहिए।
इसके लिए संबंधित देशों में कार्यरत भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार तेजी से बदल रहा है, इसलिए राज्य को समय रहते विभिन्न देशों की जरूरतों और वहां उपलब्ध रोजगार क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करनी होगी।
रोजगार की जरूरत के अनुसार होगा कौशल और भाषा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल तकनीकी या व्यावसायिक कौशल पर्याप्त नहीं है। विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले युवाओं को वहां की भाषा, कार्य संस्कृति और आवश्यक व्यावसायिक दक्षताओं की जानकारी होना भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न देशों में जिन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं, उनके अनुरूप युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं।
इसमें रोजगार से संबंधित तकनीकी कौशल के साथ आवश्यक भाषा प्रशिक्षण को भी शामिल करने पर जोर दिया गया है, ताकि उत्तराखंड के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी योग्यता और कौशल को वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सही प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन मिलने पर राज्य के युवा देश के साथ-साथ विदेशों में भी बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग का विस्तृत अध्ययन करने और उसके आधार पर युवाओं के प्रशिक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड के होम स्टे मॉडल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के होम स्टे मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में होम स्टे के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है और यह ग्रामीण पर्यटन तथा स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को उत्तराखंड के होम स्टे मॉडल से परिचित कराया जा सकता है। इसके लिए प्रतिनिधिमंडलों को राज्य के सफल होम स्टे केंद्रों का भ्रमण कराया जा सकता है।
इससे उत्तराखंड के पर्यटन मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ नए अनुभवों और सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने राज्य की अन्य प्रमुख संभावनाओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से फार्मा उद्योग, औद्योगिक क्षेत्र, आयुर्वेद और वेलनेस सेक्टर में उत्तराखंड की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों, औषधीय पौधों, योग, आयुर्वेद और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है। सरकार इन क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए नए अवसरों पर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रोजगार संभावनाओं का आकलन कर बनेगी कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अलग-अलग देशों में रोजगार की संभावनाओं और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता का व्यवस्थित आकलन किया जाए।
इसके आधार पर युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं, जिससे उन्हें केवल सामान्य प्रशिक्षण नहीं बल्कि वास्तविक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप दक्ष बनाया जा सके।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसी शिक्षा और प्रशिक्षण से जोड़ना है, जिससे वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विदेशों में उपलब्ध अवसरों के अनुरूप कौशल और भाषा प्रशिक्षण देने की योजना से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ने की संभावना है।
भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों के साथ नियमित समन्वय, विभिन्न देशों में मानव संसाधन की मांग का अध्ययन और उसके अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने से उत्तराखंड के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। साथ ही होम स्टे, फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस जैसे क्षेत्रों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी राज्य सरकार की सक्रिय रणनीति सामने आई है।


