स्थान: हरिद्वार
तारीख: 4 अगस्त 2026
धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 2026 पूरी श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ आगे बढ़ रही है। मंगलवार को शिवभक्त कांवड़ियों के स्वागत के लिए विशेष आयोजन किया गया, जिसमें हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया। आसमान से बरसते फूलों के बीच पूरे क्षेत्र में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने इस स्वागत को भावुक और यादगार क्षण बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हरिद्वार पहुंचे और उन्होंने शिवभक्त कांवड़ियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के चरण धोकर उनका सम्मान किया और उन्हें कांवड़ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सेवा और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
पूरे मार्ग पर भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारों के साथ गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आए। प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह जलपान, चिकित्सा, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उधर, कांवड़ मेले के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल कनखल स्थित बैरागी कैंप भी अब डाक कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है। पंचक समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में डाक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। प्रशासन का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में हजारों श्रद्धालु और उनके वाहन बैरागी कैंप में पहुंचेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में विशेष चहल-पहल देखने को मिलेगी।
हर वर्ष की तरह इस बार भी बैरागी कैंप डाक कांवड़ यात्रियों का प्रमुख पड़ाव रहेगा। जलाभिषेक से लगभग पांच दिन पहले देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले डाक कांवड़िए अपने वाहनों के साथ यहां पहुंचकर विश्राम करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पार्किंग स्थलों की तैयारी पूरी कर ली है और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। बैरागी कैंप और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा रहा है। पुलिस की योजना के अनुसार लक्सर-जगजीतपुर मार्ग से आने वाले डाक कांवड़ वाहनों को पहले बैरागी कैंप में पार्क कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें शंकराचार्य चौक और सिंहद्वार मार्ग से आगे रवाना किया जाएगा।
बैरागी कैंप क्षेत्र में अस्थायी बाजार और शिविर भी तेजी से आकार ले रहे हैं। पूजा सामग्री, प्रसाद, खाने-पीने की वस्तुएं, दैनिक उपयोग का सामान तथा श्रद्धालुओं की जरूरतों से जुड़ी दुकानों को सजाया जा रहा है। रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है।
हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि डाक कांवड़ वाहनों की आवाजाही के लिए विस्तृत ट्रैफिक योजना तैयार कर ली गई है। बैरागी कैंप में सुरक्षा, पार्किंग, यातायात नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।
निष्कर्ष
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा 2026 अब अपने सबसे व्यस्त चरण की ओर बढ़ रही है। हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शिवभक्तों के चरण धोकर किए गए स्वागत ने यात्रा को विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया। वहीं, डाक कांवड़ियों की बढ़ती आमद को देखते हुए बैरागी कैंप में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिससे आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सके।


