हरिद्वार | 9 मई 2026
धर्मनगरी हरिद्वार में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब ज्वालापुर क्षेत्र में गंगनहर की झाड़ियों में एक महिला का शव मिला। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और जल पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर हरियाणा से 35 साल पहले लापता हुए किसान के शव की पहचान होने के बाद भावुक कर देने वाला घटनाक्रम भी सामने आया है।
जानकारी के अनुसार ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के कस्सबान मोहल्ले में स्थित सीवरेज पंपिंग स्टेशन के पीछे गंगनहर में झाड़ियों के बीच एक महिला का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को गंगनहर से बाहर निकाला।
महिला का शव मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतका की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है और वह विवाहित प्रतीत हो रही है।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि महिला का शव गंगनहर की झाड़ियों में फंसा हुआ मिला था। शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस आसपास के थानों और गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि महिला की पहचान हो सके। साथ ही मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इसी बीच हरिद्वार पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का एक भावुक मामला भी सामने आया। करीब 35 वर्ष पहले हरियाणा के झज्जर जिले से लापता हुए किसान की मौत के बाद आखिरकार उसकी पहचान हो सकी। बताया गया कि तीन दिन पहले हरिद्वार के एक मंदिर परिसर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था।
पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पहचान के प्रयास शुरू किए। जांच के दौरान मृतक के हाथ पर गुदे नाम के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा के झज्जर में मृतक के परिजनों का पता लगाया और उन्हें सूचना दी।
जब मृतक के बड़े भाई ने मोर्चरी पहुंचकर शव की पहचान की तो माहौल भावुक हो गया। परिवार के लोगों की आंखें नम हो गईं। मृतक के भाई ने कहा कि यदि हरिद्वार पुलिस गंभीरता से प्रयास नहीं करती तो उन्हें अपने भाई के अंतिम दर्शन भी नसीब नहीं हो पाते।
शुक्रवार को खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मृतक उदयवीर का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों की तलाश भले ही जीवन में पूरी नहीं हो सकी, लेकिन मृत्यु के बाद भाई का अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक हो पाया।
निष्कर्ष
हरिद्वार में गंगनहर से महिला का शव मिलने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। वहीं 35 साल बाद लापता किसान की पहचान होने की घटना ने सभी को भावुक कर दिया। एक ओर पुलिस महिला की पहचान और मौत के रहस्य को सुलझाने में जुटी है, तो दूसरी ओर उसके प्रयासों से एक परिवार को अपने बिछड़े सदस्य को अंतिम विदाई देने का अवसर मिल सका।


