देहरादून/हल्द्वानी, 29 अगस्त 2026
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने के बाद अब उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शुद्धिकरण के नाम पर हुई कथित कार्रवाई संविधान की भावना, सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। पार्टी नेताओं ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार की चुप्पी और अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी के बयान के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने संभाला मोर्चा
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले को लेकर राहुल गांधी के बयान के बाद उत्तराखंड में कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जिस स्थान पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यक्रम को संबोधित किया था, उसके बाद वहां शुद्धिकरण की रस्म किए जाने की बात सामने आई।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने इसे केवल राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश का संविधान छुआछूत और भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को स्वीकार नहीं करता और इस प्रकार की मानसिकता के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए।
हरीश रावत बोले, यह मानसिकता संविधान और समानता के खिलाफ
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस मंच से मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाषण दिया, उसी स्थान पर शुद्धिकरण की रस्म किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
हरीश रावत ने कहा कि यह घटना कथित रूप से उस मानसिकता को दर्शाती है जो संविधान की भावना और सामाजिक समानता के सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने सवाल उठाया कि शुद्धिकरण करने वाले लोग कौन थे और उनका किन संगठनों या राजनीतिक दलों से संबंध था। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व, राज्य सरकार और केंद्र सरकार की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
कांग्रेस ने पहले भी की थी घटना की निंदा
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस मामले की शुरुआत से ही सार्वजनिक रूप से निंदा की है। पार्टी की ओर से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया गया है और प्रदेश के कई जिलों में इस मानसिकता के विरोध में प्रदर्शन किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई के दौरान भी सामाजिक भेदभाव और छुआछूत को समाप्त करने के लिए व्यापक संघर्ष किया गया था। संविधान ने भी समानता और सामाजिक न्याय को देश की व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाया है।
हरीश रावत के अनुसार, हल्द्वानी में शुद्धिकरण के नाम पर जो कुछ हुआ, वह संविधान की मूल भावना और देश के कानूनों के विपरीत बताया जा रहा है और इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
प्रीतम सिंह ने सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने भी हल्द्वानी की घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल का कथित शुद्धिकरण संविधान की भावना, सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों पर प्रहार है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में स्पष्ट और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा ऐसे मामलों में कार्रवाई किए जाने की बात का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि उत्तराखंड में अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने मुख्यमंत्री के बयानों और भाजपा प्रदेश नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेता का कहना है कि किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव से जुड़े मामले में राजनीतिक संरक्षण के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
गणेश गोदियाल ने कार्रवाई न होने पर जताई चिंता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि संबंधित संवैधानिक और प्रशासनिक स्तर से निर्देश दिए जाने के बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो यह गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन पार्टी का आरोप है कि अब तक इन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ भी शिकायतें दिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन कांग्रेस के अनुसार अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से कानून का निष्पक्ष और समान रूप से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को राजनीतिक पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
राहुल गांधी द्वारा मुद्दा उठाने के बाद बढ़ी कार्रवाई की उम्मीद
गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाने के बाद अब उम्मीद है कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग कर रही है और पार्टी इस मुद्दे को सामाजिक न्याय तथा संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय मानती है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाते हुए तथ्यों की जांच करनी चाहिए और यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
निष्कर्ष
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद अब उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। राहुल गांधी के बयान के बाद हरीश रावत, प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के खुलकर सामने आने से इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
कांग्रेस ने इस घटना को संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें सरकार और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।


